जालंधर, ENS: लक्की ओबरॉय का सरेआम गोलियां मारकर कत्ल किया गया। मृतक लक्की ने 11 दिन पहले ही अपना बर्थडे मनाया था। इस मौके पर मॉडल टाउन की शॉपकीपर एसोसिएशन ने केक काटकर उन्हें बधाई दी थी और उनकी 100 साल उम्र की कामना की थी। लक्की ओबरॉय ने इस कार्यक्रम से जुड़ी फोटो और वीडियो भी सांझा किए थे। इससे पहले मोबाइल कारोबार से जुड़े मॉडल टाउन के दुकानदारों ने केक काटते हुए लक्की ओबरॉय को एक अच्छा, दिलदार और मददगार इंसान बताया था। युवकों ने एक साथ 8 केक काटे थे।
11 दिन पहले ही लक्की ओबरॉय ने मनाया था बर्थडे, #LuckyOberoiMurder #DGPGauravYadav #BigStatement #PoliceUpdate #CrimeNews #BreakingNews #SeeLive #LawAndOrder #InvestigationUpdate pic.twitter.com/SzVNGpddJY
— Encounter India (@Encounter_India) February 6, 2026
इस खुशनुमा माहौल को लाइव करते हुए युवकों ने उनको गिफ्ट दिया। मौके पर ही लक्की ने गिफ्ट को रैप से बाहर निकालकर दिखया। युवकों ने लक्की को बेल्ट गिफ्ट में दी थी। जिसके लिए लक्की ने सबका धन्यावाद किया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि जन्मदिन के महज 11 दिन बाद उनके फैंस को उनके निधन की दुखद खबर सुनने को मिलेगी। वहीं लक्की ओबरॉय ने अपनी आखिरी पोस्ट बीते दिन शेयर की थी। जिसमें उन्होंने शुक्रवार यानी आज के दिन सुबह 8 बजे श्री खुरालगढ़ साहिब के लिए हलके से 2 बसें रवाना करने की जानकारी दी थी।
लेकिन आज सुबह 8 बजे बसें रवाना करने से पहले ही मॉडल टाउन में गुरुद्वारा साहिब से माथा टेककर बाहर आए लक्की का गोलियां मारकर कत्ल कर दिया गया। बीते दिन आखिरी पोस्ट में लक्की ओबरॉय ने लिखा- आदरणीय संगत जी, आप सभी को सूचित किया जाता है कि कल श्री खुरालगढ़ साहिब के दर्शनों के लिए पंजाब सरकार द्वारा वार्ड नंबर 36 और वार्ड नंबर 39 से दो बसों की व्यवस्था की गई है। जो भी हमारे भाई, बहन और बुजुर्ग श्री खुरालगढ़ साहिब के दर्शन करने की इच्छा रखते हैं, वे कृपया सुबह 8 बजे भाई बन्नो जी नगर चौक से बस में सवार हो सकते हैं।
लक्की ओवरॉय का जन्म 27 जनवरी 1983 को जालंधर में हुआ था। जालंधर में ही उनकी पढ़ाई हुई है। पत्नी सिमरन भी AAP से जुड़ी हुई थीं। 21 दिसंबर 2024 को जालंधर नगर निगम के हुए चुनाव में लक्की ने अपनी पत्नी को कैंट के वार्ड 35 से चुनाव लड़वाया था। इसमें वह कांग्रेस की उम्मीदवार हरशरन कौर हैप्पी से चुनाव हार गई थीं। लक्की ओबराय का पेशा फानेंइस और रियल एस्टेट का था। आम आदमी पार्टी में आने से पहले वे स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी काम करते थे।
पंजाब में 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान और उसके बाद आप की लहर के समय बहुत से स्थानीय नेताओं ने पार्टी जॉइन की थी, लक्की ओबरॉय भी उसी दौर के सक्रिय चेहरों में से एक थे। इसके बाद वह हलका कैंट से आप की इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा के करीबी बन गए और कॉलेज की प्रधानगी में अपना बर्चस्व चलाने लगा। इसी के चलते उसकी शेरू ग्रुप के साथ दुश्मनी हो गई। 25 दिसंबर को शेरू ग्रुप ने पोस्ट डालकर कॉलेज की प्रधानगी के बीच हस्तक्षेप न करने की चेतावनी भी दी थी।
