जालंधर, ENS: देहात के भोगपुर में 2 युवकों की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार बाइक से गिरने के कारण दोनों युवकों की मौत हुई है। मृतको की पहचान 17 वर्षीय गोपेश और अर्शप्रीत के रूप में हुई है। घटना घर से 5 किलोमीटर दूर हुई है। वहीं इस घटना को लेकर आज परिजनों द्वारा धरना लगाया है। जिसके बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। जिसके कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई है। मामले की जानकारी देते हुए कि देविका ने कहा कि उसके घर लोहड़ी का पर्व था और वहां से उसके भाई को लेकर गई थी।
जिसके बाद पता चला कि उसका एक्सीडेंट हो गया। इस मामले में शाम को पता लगा कि उसका एक्सीडेंट नहीं कत्ल किया गया है। परिजनों ने कहा कि उनके गांव का लड़का भाई को लेकर गया था और किसी लड़की ने बुलाया था। परिजनों का आरोप है कि उनके भाई का कत्ल किया गया है। वहीं अब गांव का लड़का भी भाई को घर से ले जाने के मामले में बयानों से मुकर रहा है। परिजनों ने कहा कि पुलिस द्वारा मामले को टाला जा रहा है। अभी तक पुलिस से लड़की के भाई, पिता सहित परिवार के किसी मैंबर को काबू नहीं किया है।
परिजनों ने कहा कि उनके बेटे का कत्ल हुआ है। वहीं उन्होंने कहा कि पड़ोसी के नौजवान को भी पुलिस ने काबू नहीं किया है। उनकी मांग है कि लड़की सहित उसके परिवार को जब तक गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका धरना जारी रहेंगा। उन्होंने कहा कि उनके पास सागर नामक व्यक्ति की रिकार्डिंग भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि बहन के घर से सागर और अर्श लेकर आए थे। परिजनों ने कहा है कि सागर नामक व्यक्ति द्वारा एक साल से धमकियां दी जा रही थी कि उसके भाई के साथ कुछ कर देना है। परिजनों ने कहा कि लड़की उसके भाई को फोन करती थी। ऐसे में उनकी मांग है जब तक लड़की को यहां उनके सामने नहीं लाया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
जत्थेदार सुखबीर सिंह ने कहा कि डीएसपी और एसएचओ घटना स्थल पर जाए और वहां की लोकेशन की जांच करे। जिसके बाद असल कारणों का पता चल सके। जत्थेदार ने कहा कि जिस रेहड़े के साथ बाइक की टक्कर की बात कही जा रही है, उस रेहड़े पर कोई सड़क हादसे का निशान नहीं है। परिजनों ने कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती, धरना जारी रहेगा। परिजनों ने कहा कि घटना के दौरान वहां पर कोई रेहड़ा घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। जब वह शव को लेकर सिविल अस्पताल गए, उसके बाद घटना स्थल पर रेहड़ा रखा गया। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती तो वह थाने के बाहर शवों को रखकर प्रदर्शन करेंगे।