जालंधर, ENS: महानगर में हिंदू-मुस्लिम विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ दिन पहले डीसी दफ्तर के बाहर मुस्लिम भाईचारे द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था। इस दौरान एक्टिवा सवार योगेश मैणी द्वारा जय श्री के नारे लगाए गए। योगेश का आरोप हैकि मुस्लिम भाईचारे द्वारा नारे लगाने का विरोध जताते हुए उसके साथ धक्का-मुक्की की गई और एक्टिवा की चाबी निकाल ली गई।
हालांकि मुस्लिम भाईचारे का कहना हैकि किसी ने मारपीट नहीं की है। लेकिन इस घटना को लेकर जहां हिंदू संगठनों द्वारा रोष प्रदर्शन करके मामला दर्ज करवाया गया, वहीं मुस्लिम भाईचारे की ओर से 8 अक्टूबर को प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। दूसरी ओर इस मामले को लेकर आज मानव अधिकार परिषद की प्रधान आरती राजपूत पुलिस कमिश्नर दफ्तर पहुंची, जहां उन्होंने इस विवाद को लेकर उचित कार्रवाई करने के लिए पुलिस कमिश्नर डीसीपी नरेश डोगरा को मांग पत्र दिया।
मीडिया से बात करते हुए आरती राजपूत ने कहा कि इस मामले को लेकर कानून ही सुलझा सकता है। ऐसे में उनका मांग पत्र जालंधर तक सीमित नहीं रहेंगा, बल्कि यह मांग पत्र गवर्नर, ह्यूमन राइट के नेशनल कमिशन तक पहुंचाया जाएंगा। आरती ने कहाकि आयूब खान की ओर से विवाद बयान दिया गया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर 200 से 300 लोगों के दवाब में आकर अगर उन पर एफआईआर दर्ज की जा रही है तो वह हजारों की गिनती में आएंगे।
महिला प्रधान ने कहा प्रशासन को पहले ऐसे बयानों को लेकर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना स्थल पर जो कुछ हुआ पुलिस की मौजूदगी में हुआ, ऐसे में लॉ एंड ऑर्डर को मेनटेन करना पुलिस का काम था। प्रधान ने कहा कि यह घटना बरेली में हुई थी, लेकिन इसको लेकर प्रदर्शन जालंधर में रखा गया। इस मामले को लेकर प्रशासन द्वारा क्यों परमिशन दी गई, अगर बिना परमिशन के प्रदर्शन किया गया तो प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आरती ने कहाकि अगर मुस्लिम सगंठन पंजाब की अगुवाई में यह घटना हुई है तो वह इस घटना का जिम्मेदार है।
उन्होंने कहाकि पहले इस सगंठन की जांच करवाई जाए कि यह सगंठन रजिस्ट्रर है या नहीं। वहीं सगंठन के 7 सदस्य कौन-कौन है। उन्होंने कहा कि अगर सगंठन माहौल को सही में खराब नहीं करना चाहता तो वह पहले विवादित बयानबाजी को बंद करें। उन्होंने कहा कि पब्लिक पलेस पर जय श्री राम के नारे लगाना कोई गलत नहीं है। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में यह घटना निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस मामले में जल्द गहनता से जांच नहीं करवाई गई तो वह खुद उच्च अधिकारियों के समक्ष इस मुद्दे को रखेंगी।