जालंधर, ENS: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप पार्टी 22 सीटों पर सिमट गई। वहीं अरविंद केजरीवाल द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और विधायकों को मंगलवार को मीटिंग के लिए दिल्ली में बुलाया गया है। इस मामले को लेकर पूर्व सासंद व भाजपा नेता सुशील रिंकू ने कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित कई दिग्गज इस चुनाव में हार गए है। वहीं दिल्ली में पंजाब के विधायकों की पटियाला हाउस में मीटिंग को लेकर रिंकू ने कहा कि इससे साबित होता हैकि आज भी पंजाब को दिल्ली से चलाया जा रहा है।
उन्होेंने कहा कि अगर मीटिंग रखनी थी तो वह चंडीगढ़ में रखी जा सकती थी, क्योंकि एक नेता ने ही दिल्ली से आना था, लेकिन पंजाब से 92 से अधिक विधायक दिल्ली जाएंगे और उस पर पंजाब का काफी खर्च होगा। उन्होंने कहा कि अलग अलग राज्यों में चुनाव के दौरान पंजाब का काफी पैसा खर्च हुआ। दिल्ली चुनावों को लेकर रिंकू ने आप पर निशाना साधते हुए कहा कि आज दिल्ली के लोगों ने आप की झूठ की राजनीति का पर्दाफाश किया है। आप पार्टी के विधायकों के कांग्रेस के संपर्क में होने के मामले में राजनीति गरमा गई है।
वहीं इस मामले को लेकर पूर्व सासंद सुशील रिंकू ने कहा कि प्रताप बाजवा खुद का वजन बढ़ाने को लेकर यह कर रहे है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक था। जहां 2 से 3 हजार वोटों पर कांग्रेस के नेता सिमटते हुए दिखाई दिए। रिंकू ने कहा कि इन हालातों में प्रताप बाजवा द्वारा यह बात करना कि आप पार्टी के विधायक कांग्रेस के संपर्क में है, उन्हें यह कोई खास वजह नहीं लगती। अगर भाजपा यह बात करें तो उन्हें समझ में आती है, क्योंकि केंद्र और दिल्ली की सत्ता भाजपा पार्टी के हाथ में है।
रिंकू ने दावा किया है कि जिस तरह पार्टी के अंदर प्रेशर की राजनीति चलती है, आने वाले समय में आप पार्टी के विधायक विद्रोह कर सकते है। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर रिंकू ने कहा कि पंजाब के लोग अब थक गए है, दरअसल, पंजाब में केंद्र की ओर से कोई कांट्रेक्ट नहीं आए है, दरअसल, पंजाब के साथ केंद्र का कोई राबता नहीं रहा। रिंकू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में पंजाब के लोग भाजपा को एक मौका जरूर देंगे। कश्मीर को लेकर कहा कि जिस तरह कश्मीर की नुहार केंद्र द्वारा बदल दी गई है, उसी तरह वह चाहते है कि केंद्र की अगुवाई में पंजाब भी तरक्की की राह पर चले।