जालंधर/अनिल वर्मा: खेल कूद के नाम से पूरे विश्वभर में प्रसिद्ध जालन्धर के संसारपुर में बन रही 50 अवैध दुकानों को निगम की आंखों में धूल झौंककर वैध करवाने के लिए बड़ा खेल खेलने की तैयारी की का रही है जिसकी कमान शराब कारोबारी सौंपी गई है। बिल्डिंग विभाग ने संसारपुर के सरदार अमर सिंह यादगारी गेट साथ खाली प्लाट में बन रही 50 अवैध दुकानों के निर्माण को बंद करवाने तथा दस्तावेज पेश करने के लिए बीते मार्च महीने में नोटिस जारी किया था मगर नोटिस की अवधि खत्म होने तक कोई भी ज्वाब नहीं मिला जिसके बाद कमिशनर अभिजीत कपलिश के आदेशों के बाद एटीपी सुखदेव वशिष्ट ने सभी 50 अवैध दुकानों के स्ट्रक्चर पर डिच चला दी थी।
इस मामले में बिल्डिंग विभाग प्राप्टी मालिक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाने की तैयारी कर रहा था मगर प्राप्टी मालिक को अभी तक ट्रेस नहीं किया जा सका था। इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब यहा दोबारा निर्माण शुरू कर दिया गया। जिसकी शिकायत कमिश्नर के पास पहुंची और काम बंद करवा दिया गया। प्राप्टी मालिक ने अब शहर के मशहूर शराब कारोबारी की शरण ली है। जिसका बिल्डिंग विभाग में कांग्रेस की सत्ता दौरान डंका बजा करता था। प्राप्टी मालिक ने एक महीने बाद निगम दफ्तर पहुंच कर बिल्डिंग विभाग की इस कारवाई को गैरकानूनी ठहराया है और दावा किया है कि जिस निर्माण को मार्च 2023 में गिराया गया था वह निर्माण 2012 से हो चुका है। इसके सारे दस्तावेज भी है। यहां पहले से ही दुकानें बनी हुई थी बिल्डिंग विभाग जानबूझ कर तंग कर रहा है।
डैमोलेशन के बाद फिर शुरु कर दिया निर्माण
इस मामले में निगम के पास दोबारा शिकायत पहुंची थी कि संसारपुर में की गई डैमोलेशन की कारवाई के बाद फिर से निर्माण शुरु कर दिया गया है जिसके बाद कल बिल्डिंग विभाग के एटीपी सुखदेव वशिष्ट ने मौके की वीडियोग्राफी कर निर्माण बंद करवा दिया था। जिसके बाद इस मामले में प्राप्टी मालिक ने शराब कारोबारी को बिचौलिया बनाया तांकि बिना रोकटोक वह यहां दोबारा से 50 दुकानें बनाई जा सके।
गूगल अर्थ से मेल नहीं खाता प्राप्टी मालिक का तर्क
संसारपुर के स. अमर सिहं यादगारी गेट के समीप प्लाट का अगर गूगल अर्थ से 2022 का डाटा निकाला जाए तो यह प्लाट करीब 60 मरले का है और यहां कोर्नर में गेट के साथ एक पुरानी इमारत है जोकि करीब 5 मरले की है बाकी का प्लाट खाली नजर आ रहा है जहां दावा किया जा रहा है कि यहां 50 दुकानें 2012 से बनी हुई हैं फिलहाल इस मामले की जांच के लिए एमटीपी नरिंदर शर्मा को कमान दी गई है। जिसकी रिपोर्ट कमिशनर को भेजी जाएगी। मिली जानकारी अनुसार इस मामले की शिकायत सीएम भगवंत मान सहित विजीलैंस ब्यूरो पंजाब को भेजने के लिए शिकायतकर्ता द्वारा डाटा जुटाया जा रहा है जिसके बाद अपने वकील के माध्यम से यह शिकायत चंडीगढ़ भेजी जाएगी।
