जालंधर/एएनएस: पुलिस कमिश्नरेट कुलदीप चाहल के दिशा निर्देशों पर आईपीसी अंकुर गुप्ता डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर, डीसीपी इन्वेस्टिगेशन हरविंदर सिंह विर्क, आईपीएस आदित्य एडीसीपी 2, एसीपी गगनदीप सिंह की अगुवाई में इंस्पेक्टर कमलजीत सिंह थाना बस्ती बावा खेल के द्वारा और साइबर सेल की मदद से साइबर ठगी के आरोप में ICICI बैंक के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है।
यह शातिर ठग लोगों को क्रेडिट और डेबिट कार्ड जारी करते वक्त उसकी डिटेल अपने पास सेव करके रख लेता था। इसके बाद एक ऐप के माध्यम से कार्ड की डिटेल डालकर पैसे अपने एक अन्य बैंक के खाते में ट्रांसफर कर देता था। पकड़े गए आरोपी की पहचान गौरव पाहवा पुत्र सुभाष पाहवा निवासी रंधावा कॉलोनी (लद्देवाली, रामामंडी) के रूप में हुई है। विक्की पुत्र देव नारायण निवासी भरुणा (मुजफ्फरपुर) बिहार के रहने वाले ने गौरव पाहवा की पुलिस को शिकायत की थी।
शिकायत में विक्की ने कहा कि उसके कार्ड से 1 लाख रुपए इंडियन बैंक में ट्रांसफर हुए थे। विक्की ने कहा कि आरोपी बजाज वैलेट ऐप से लोगों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पैसे अपने इडियन बैंक के खाते में ट्रांसफर कर लेता था। वहीं इंस्पेक्टर कमलजीत सिंह ने बताया कि शातिर गौरव पाहवा बैंक से क्रेडिट-डेबिट कार्ड लेने वालों के कार्ड का 16 डिजिट वाला नंबर, कार्ड की बैक साइड पर अंकित 3 अंक का CCV नंबर और कार्ड की एक्सपायरी डेट अपने पास नोट करके रख लेता था।
इसके बाद वह बजाज वैलेट ऐप में सारी डिटेल भरता था । जब ओटीपी जनरेट हो जाता था तो वह ग्राहक को फोन करता था। ग्राहक से विश्वास में ओटीपी लेने के बाद वह पैसे अपने खाते में ट्रांसफर कर लेता था, लेकिन शिकायतकर्ता विक्की के पैसे जैसे ही कटे तो उसने पहले बैंक से डिटेल निकलवाई और उसके बाद गौरव पाहवा की जानकारी जुटाई। इसके बाद पूरे सबूतों के साथ पुलिस के पास गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठग जालंधर में काम करने वाला गौरव पाहवा को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने गौरव पाहवा को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इसने और कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी की है।
