लुधियानाः जिले के ग्रेवाल होटल में पहली मंजिल में आज इमिग्रेशन का सेमिनार करवाया जा रहा था। जहां सेमिनार में जालंधर की एजीआई बिल्डिंग में स्थित ट्रैवल एजेंट ACME Visa Solutions लिमिटेड के संचालक संदीप जैन के आने की सूचना मिलने पर ठगी का शिकार होने वाले पीड़ित होटल में पहुंच गए। इस दौरान घटना स्थल पर भारी हंगामा शुरू हो गया। मौके पर ठगी का शिकार हुए लोगों द्वारा लाखों रुपए ठगी किए जाने को लेकर इमिग्रेशन कर्मियों का सेमिनार में घेराव किया गया। वहीं मीडिया के सामने जब इमिग्रेशन कर्मियों से घेराव को लेकर पूछा गया तो वह इंकार करते हुए नजर आए। जबकि उनके सामने ठगी का शिकार हुए लोग विरोध करने लग गए।
जिसके बाद वह कुछ भी बताने से गुरेज करते रहे। जिसके बाद घटना स्थल पर भारी हंगामा शुरू हो गया। ठगी का शिकार लोगों में से एक महिला 25 लाख रुपए ठगने के आरोप लगाती सुनाई दी। वहीं मामले की जानकारी देते हुए एडवाइजर हरदीप सिंह ने बताया कि इस मामले को लेकर जालंधर में इनवेस्टिगेशन चल रही है। उन्होंने बताया कि महिला का आरोप है कि कंपनी द्वारा उनका वीजा नहीं लगवाकर दिया गया। जब उनसे पूछा गया कि मौके पर आए ठगी का शिकार हुुए लोगों में से कोई 25 लाख का ठगी का कह रहे है तो कोई 31 लाख रुपए की ठगी का कह रहे है।
एडवाइजर ने कहा कि उक्त लोगों द्वारा वीजा लगाने के दौरान फीस के पैसे वापिस मांगने का कहा जा रहा है। जब पैसे वापिस किए जाने को लेकर पूछा गया कि जो सरकारी खाते में गए है उसके बारे में पता लगाया जाएगा। वहीं मौके पर मौजूद नकोदर से आई जसवीर सिंह की पत्नी मनप्रीत कोर ने आरोप लगाते हुए कहा कि मोटी रकम उनसे इमिग्रेशन द्वारा कैश ली गई है, जबकि बैंक ट्रांसफर के पैसे साढ़े 5 लाख रुपए किए गए है। जबकि 22 लाख रुपए 2 फरवरी 2024 को लुधियाना दफ्तर में लिए थे। महिला ने बताया कि दफ्तर में अर्जी लगाई थी और उनका 5 हजार डॉलर का एग्रिमेंट हुआ था। जबकि 45 हजार डॉलर में इमिग्रेशन से डील हुई थी।
आरोप है कि अब इमिग्रेशन के कर्मियों द्वारा कहा जा रहा है कि उनके पास सिर्फ एक लाख रुपए आए है और कोई पैसा उनके पास नहीं आया है। गुरदासपुर के गौरव ने बताया कि उनका सवा 3 लाख रुपए इमिग्रेशन में फंसे हुए है। इस मामले को लेकर 2 महीने का इमिग्रेशन द्वारा कहा गया था, लेकिन अब 8 महीने हो गए है। अब उनके पैसे नहीं लौटाए जा रहे है। जिसके बाद अब कहा जा रहा है कि जीएसटी काटकर पैसे लौटाए जाएगे। आरोप है कि इससे पहले जीएसटी का कोई जिक्र कर्मियों द्वारा नहीं किया गया था। परिवार ने आरोप लगाया है कि आज सेमिनार में जब वह पैसे को लेकर बात करने पहुंचे तो उनके कमरे में बंद करके धमकियां दी जा रही थी और उन्हें मीडिया के सामने नहीं आने दिया जा रहा था। परिवार ने एडवाइजर पर यह आरोप लगाए है।
वहीं एक नकोदर के अन्य व्यक्ति ने कहा कि परिवार के कनाडा का वर्क परमिट लगाने के लिए 30 लाख की बात की थी और उनसे 26 लाख रुपए पहले ले लिए गए थे और 4 लाख बाद में लिए गए थे। पीड़ित ने कहा कि इस मामले को लेकर 2 साल हो गए है। पीड़ित ने कहा कि 2 बार रिफ्यूजल आ गई और कोर्ट केस भी लगाया गया। 2 साल बीत जाने के बाद 30 लाख की 8 लाख में सेटलमेंट करने का कहने लगे। आरोप है कि इमिग्रेशन कर्मियों की पूर्व डीएसपी रणवीर सिंह के साथ पहचान होने के कारण कार्रवाई नहीं होने दी। पीड़ित ने आरोप लगाए है कि अब कर्मियों द्वारा कहा जा रहा है कि उनके पास एक लाख रुपए आए है।