जालंधर,वरुण/हर्षः बिलगा थाने में अमृतपाल सिंह के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज हुई है। एफआईआर में ग्रंथी की पत्नी गुरमीत कौर का आरोप है कि उसका पति सुखविंदर सिंह निवासी गुरुद्वारा सिंह सभा गांव शेखपुर थाना बिलगा जालंधर में ग्रंथी है और लाइट साउंड का काम करता है। इस दौरान 18 मार्च को मेरे पति काम के सिलसिले में बाहर गए हुए थे और उस दौरान शाम 6 बजे गुरुद्वारा साहिब के दोनों गेट खुले हुए थे। गुरुद्वारा साहिब के साइड वाले गेट से दो सिख नौजवान प्लेटिना बाइक पर आए जिनके मुंह बंधे हुए थे। जो कि गुरुद्वारा साहिब में बनी हुई हमारी रिहायिश में घुस गए। जिन्होंने हमारे सारे परिवार को पिस्तौल के बल पर बंधक बना लिया।
इसी बीच पीड़िता के बेटे ने जब मुंह खोला तो उसने दोनों सिखों में से एक को पहचान लिया और बताया कि इनमें एक सिख नौजवान वारिस पंजाब दे का प्रमुख अमृतपाल सिंह है। जिसके बाद उनके साथी ने पीड़िता के बेटे परवान सिंह को गनप्वाइंट पर ले लिया और उससे मोटरसाइकिल की चाबी, लोई, चश्मा और एक परने की मांग की। अमृतपाल ने परवान को धमकाते हुए कहा कि हमें सतलुज दरिया पार करवाकर आए नहीं तो पूरे परिवार को गोलियों से भून देंगे।
उसके बाद परवान सिंह ने अपने चचेरे भाई को साथ लेकर मोटरसाइकिल नंबर पीबी08 सीयू 8884 पर सवार होकर ले गए। इस मामले के बाद परवान सिंह को अमृतपाल सिंह ने धमकी दी कि अगर उन्होंने पुलिस को सूचना दी तो उसका अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। रास्ते में बाइक खराब होने के बाद परवान सिंह ने किसी को फोन करके स्कूटरी मंगवाई। इस दौरान उन्होंने प्लेटिना बाइक दातपुर नदी के किनारे खड़ा कर दिया। जिसके बाद परवान सिंह डरते हुए माउवाल के रास्ते से सतलुज दरिया के किनारे पहुंचे लेकिन वहां पर बेड़ी नहीं मिली। जिसके बाद उन्होंने गांवों के रास्ते से दोनों को सतलुज दरिया पार करवा दिया।
