जालंधर,ENS: पंजाब में बीते दिन तहसीलों में कर्मियों ने कलम छोड़ हड़ताल का ऐलान किया था। जिसके बाद आज डीसी ऑफिस से लेकर SDM ऑफिस में भी कर्मियों ने हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है।। जिसके कारण आज डीसी दफ्तरों में कोई काम नहीं होगा। डीसी दफ्तरों के कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए हैं। रोपड़ के विधायक दिनेश चड्ढा का मामला कुछ ज्यादा ही गहराने लगा है। कर्मचारी अड़ गए हैं कि सरकार जब तक कोई एक्शन नहीं लेती और विधायक माफी नहीं मांगते, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
सोमवार को भी कर्मचारियों ने इकट्ठे होकर विधायक दिनेश चड्ढा के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। सोमवार को सिर्फ रोपड़ डिवीजन में ही हड़ताल थी, लेकिन अब सारे पंजाब में मिनिस्ट्रियल स्टाफ यूनियन ने संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। मिनिस्ट्रियल स्टाफ यूनियन पंजाब के प्रधान तेजिंदर सिंह नंगल ने कहा कि 25 और 26 को सभी डीसी दफ्तरों से लेकर तहसीलों तक कलम छोड़ हड़ताल रहेगी। मिनिस्ट्रियल स्टाफ यूनियन पंजाब के प्रधान तेजिंदर सिंह नंगल ने कहा कि 26 जुलाई को सारे कर्मचारी रोपड़ में इकट्ठा होंगे।
26 जुलाई को सरकार और विधायक के खिलाफ रैली की जा रही है। सरकारी दफ्तरों में जाकर कर्मचारियों को जलील करने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। रोपड़ के विधायक ने जहां कर्माचारियों को जलील किया, वहीं पर सरकारी रिकॉर्ड अपने निजी दफ्तर में मंगवाकर गैर-कानूनी काम भी किया है। रोपड़ में कर्मचारी और विधायक के पक्ष में उतरी सिविल सोसाइटी आमने सामने हो गए हैं। सिविल सोसाइटी के लोगों ने भी विधायक के पक्ष में हाथों में तख्तियां लेकर शहर में प्रदर्शन किया। सिविल सोसाइटी के लोगों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। यदि विधायक ने भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ एक्शन लिया है और दफ्तर में जाकर रिकार्ड खंगाला है तो इसमें गलत क्या है। सिविल सोसाइटी के लोगों ने विधायक की कार्रवाई को सही ठहराते हुए कर्मचारियों के प्रदर्शन को गलत करार दिया है।