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Israel-Iran War: रेलवे बुनियादी ढांचे और पुलों पर हमला, पहली बार Bipod Launchers से वार, देखें वीडियो

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Revolutionary Guards की अमेरिका को सख्त चेतावनी, तेल और गैस के लिए तरसा देंगे

नई दिल्लीः मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग को 38 दिन बीत चुके हैं। US-इजरायल और ईरान एक दूसरे के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को फिर से होर्मुज खोलने का अल्टीमेटम दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहर बरसने लगा है। ईरान को दिए गए अल्टीमेटम से पहले ही अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ब्रिज को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इजराइल ने ईरान भर में रेलवे बुनियादी ढांचे और पुलों पर हमले शुरू कर दिए हैं। सबसे बड़ा हमला खार्ग आइलैंड पर हुआ, जहां ऑयल टर्मिनल को निशाना बनाया गया। ईरान का करीब 80 से 90% कच्चा तेल यहीं से एक्सपोर्ट होता है।

इजरायली हमलों में तेहरान के पश्चिम में शाहरक क्षेत्र में स्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के एयरोस्पेस फोर्स के मुख्यालय को निशाना बनाया गया। अमेरिका और इजरायल द्वारा कई रेलवे लाइनों पर किए गए हमलों के बाद आपातकालीन दल घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। खबरों के मुताबिक, इन हमलों में कई लोग मारे गए हैं। वहीं ईरान ने इजरायल के दिमोना पर हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान ने भी पलटवार करना शुरू कर दिया है। ईरान ने यूएई के शारजाह पर अटैक किया है। ईरान की आईआरजीसी ने पहली बार बाइपॉड लॉन्चर्स से मिसाइलों दागी हैं। ईरान पहले ही कह चुका था कि अब वह चुप नहीं बैठेगा। अमेरिका और उसके सहयोगियों के ठिकानों को निशाना बनाएगा।

ईरान ने जुबैल में सऊदी अरब के पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया है। इस बीच ईरान की राजधानी तेहरान में भी धमाके की आवाज सुनी गई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका रेड लाइन पार करता है तो वे मिडिल ईस्ट से परे जवाबी कार्रवाई करेंगे और वाशिंगटन और उसके सहयोगियों को तेल और गैस के लिए तरसा देंगे। ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को “एक ही रात में खत्म किया जा सकता है।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान तय समय से पहले अमेरिका से समझौता नहीं करता, तो कार्रवाई कभी भी हो सकती है और यह मंगलवार रात भी हो सकती है।

ट्रम्प की शर्त है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खोले। यह वही रास्ता है, जहां से दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई गुजरती है। इसके लिए उन्होंने मंगलवार रात 8 बजे (वॉशिंगटन समय) तक की डेडलाइन दी है, जो भारत में बुधवार सुबह 5:30 बजे होती है। व्हाइट हाउस में ट्रम्प ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान के नेता बातचीत तो कर रहे हैं, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि कोई समझौता होगा या नहीं। वहीं, ईरान ने अस्थायी युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उसने कहा है कि वह स्थायी समाधान चाहता है और उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं।

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