नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट इस समय अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लगातार वार्निगं दे रहे हैं कि यदि उन्होंने अपना परमाणु कार्यक्रम नहीं रोका तो मिलिट्री एक्शन का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप की अब इन धमकियों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अब तक का सबसे जबरदस्त जवाबी हमला किया है।
अमेरिका को दिया करारा जवाब
अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को टका सा जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है तो इससे पूरे मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय युद्ध भड़क जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दे चुकी है और दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने खामेनेई के बयानी का वीडियो प्रसारित करने से पहले ही उनके शब्दों को ऑनलाइन साझा कर दिया है। खामेनेई के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकियों को ये जान लेना चाहिए कि यदि उन्होंने युद्ध शुरु किया तो इस बार ये सिर्फ सीमित नहीं रहेगा बल्कि क्षेत्रीय युद्ध होगा। उन्होंने कहा कि हम न तो किसी संघर्ष की शुरुआत करते हैं और न ही किसी देश पर हमला करने की इच्छा रखते हैं लेकिन यदि ईरानी राष्ट्र पर हमला किया गया तो उसे परेशान किया गया तो वो जोरदार जवाब देगा।
सरेआम दे दी चेतावनी
अमेरिका को खामेनेई कई इस धमकी को अब तक की सबसे सीधी और कठोर चेतावनी माना जा रहा है। इससे पहले ट्रंप ने कहा कि उनका अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएस अब्राहम लिंकन की अगुवाई में एक बड़ा सैन्य बेड़ा अरब सागर में तैनात है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के इस सैनय बेड़े को वेनेजुएला भेजे गए अपने बेडे़ से अधिक बड़ा बता दिया है।
हालांकि अब भी यह साफ नहीं हुआ है कि ट्रंप वास्तव में सैन्य बल का इस्तेमाल करेंगे या फिर नहीं। ट्रंप कई बार यह कह चुके हैं कि ईरान बातचीत करना चाहता है और उन्होंने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को भी एक बड़ा मुद्दा कहा है। जिसको वो सुलझाना चाहते हैं।
अब इसी बीच ईरान ने रविवार को सोमवार को रणनीतिक होर्मुज जलडमरुमध्य में सैन्य अभ्यास की योजना बनाई थी। यह वही संकरा समुद्री रास्ता है जिससे होकर दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवा हिस्सा गुजरता है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस अभ्यास के दौरान अमेरिकी युद्धपोतों या विमानों को धमकाने या व्यावसायिक समुद्री यातायात में बाधा डालने की कोई भी कोशिश स्वीकार नहीं होगी।
