नई दिल्लीः मिडिल ईस्ट में ईरान अमेरिका और इस्राइल के टकराव के बीच एक बड़ा अपडेट हिंद महासागर से आया है। यहां रहस्यमयी तरीके से एक ईरानी जहाज ‘IRIS Dena’ डूब गया है। इस घटना से बड़ा समुद्री संकट पैदा हो गया। श्रीलंका के तट के पास हिंद महासागर में हुई इस घटना में 101 लोग लापता और 78 घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें से 32 गंभीर रूप से घायल हैं। आईरिस देना मौदगे श्रेणी का फ्रिगेट है, जो भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित मिलान 2026 बहुराष्ट्रीय नौसेना अभ्यास में भाग लेने के बाद ईरान लौट रहा था।
इससे पहले, श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सेना ने डूबते ईरानी जहाज पर सवार 32 लोगों को बचा लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी डॉ.अनिल जसिंघे ने बताया कि उनमें से एक की हालत गंभीर है, 7 का आपातकालीन उपचार चल रहा है और अन्य को मामूली चोटों के लिए इलाज किया जा रहा है। श्रीलंका नौसेना के एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि मिली जानकारी के अनुसार 79 लोगों को बचाकर अस्पताल लाया गया है, जिनमें से एक गंभीर रूप से घायल है। माना जा रहा है कि 101 अन्य लोग लापता हैं और जहाज डूब गया है।
जानकारी के मुताबिक लगभग 180 क्रू मेंबर वाले इस युद्धपोत ने बुधवार सुबह ‘डिस्ट्रेस कॉल’ भेजा था। इसके बाद श्रीलंका ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया। विदेश मंत्री ने बताया कि बचाव अभियान के लिए श्रीलंका नौसेना के दो जहाज और एक विमान तैनात किए गए हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज डूबने की असली वजह क्या थी। इस बीच आशंका जताई जा रही है कि इस ईरानी जहाज पर पनडुब्बी से अटैक किया गया था। कहा जा रहा है कि जहाज अमेरिका-इजराइल के ईरान पर चल रहे हमलों का हिस्सा बनकर निशाना बना है। हालांकि अभी न तो श्रीलंकाई सरकार ने और न ही किसी अन्य ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।
इस घटना के बाद स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि राजधानी कोलंबो से करीब 115 किलोमीटर दक्षिण स्थित गाले के मुख्य अस्पताल को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि बचाए गए नाविकों को तुरंत चिकित्सा सहायता दी जा सके। नौसेना प्रवक्ता बुद्धिका संपत ने कहा कि श्रीलंका ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री दायित्वों के तहत बचाव अभियान चलाया क्योंकि यह क्षेत्र हिंद महासागर में उसके सर्च एंड रेस्क्यू जोन में आता है।