कई चयनित युवाओं ने अपने लक्ष्य तक पहुंचने की यात्रा साझा की
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि राज्य के यूपीएससी ,एचपीएससी और ज्युडिशरी के प्री -एग्जाम उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को आगे की कोचिंग फ़ीस की प्रतिपूर्ति करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना” के तहत आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को 25 हजार से लेकर 70 हजार रूपये तक वित्तीय मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री आज यहां संघ लोक सेवा आयोग द्वारा हरियाणा के नव-चयनित युवाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा , मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त डॉ अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती एवं राकेश संधू , सूचना,जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासनिक)वर्षा खांगवाल, शहीद स्मारक अंबाला के निदेशक डॉ कुलदीप सैनी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने संकल्प-पत्र में “मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना” शुरू करने का संकल्प किया था , उसी को धरातल पर उतारते हुए अब इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को यूपीएससी ,एचपीएससी और ज्यूडिशरी के प्री -एग्जाम उत्तीर्ण करने पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये है , उनके बच्चों को 70 हजार रुपये , 1.80 लाख रुपये तक आय वाले परिवारों के बच्चों को 60 हजार , 1.80 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक आय वाले परिवार के बच्चों को 50 हजार तथा 3 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक आय वाले परिवार के बच्चों को 25 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह भी घोषणा की कि राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में यूपीएससी ,एचपीएससी एग्जाम की कोचिंग दी जाएगी इसके लिए सांयकालीन पारी में कक्षाएं शुरू की जाएगी ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक युवा उक्त परीक्षाओं में सफल हो सकें।
हरियाणा के युवाओं ने न केवल सिविल सेवा में, बल्कि चिकित्सा, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और तकनीकी क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यह दर्शाता है कि हमारे राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल सही दिशा और अवसर की होती है। और हमारी डबल इंजन सरकार उसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में हरियाणा में एक पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था स्थापित की है। यह केवल एक नीतिगत निर्णय नहीं था, बल्कि यह युवाओं के आत्मविश्वास को पुनर्स्थापित करने का प्रयास था। वर्तमान प्रदेश सरकार ने ‘बिना पर्ची, बिना खर्ची’ के 1 लाख 80 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं।
हरियाणा केवल खिलाडियों के मामले में ही धाकड़ नहीं है बल्कि बौद्धिक विकास में भी अग्रणी हैं। उन्होंने नए आईएएस अधिकारियों को प्रशासनिक दक्षता से देश की नीति निर्धारण करने वाला बताते हुए कहा कि राज्य को इनकी प्रतिभा का बहुत लाभ होगा। उन्होंने आईएएस के प्रशिक्षण के बाद फ़ील्ड में संवेदनशीलता से काम करने के लिए प्रेरित किया। ऐसे में अधिकारियों को भी पूरी मेहनत एवं तल्लीनता से काम करना पड़ता है।इस अवसर पर संघ लोक सेवा आयोग के परीक्षा परिणाम में देश में तीसरे स्थान पर आने वाले एकांश ढुल , छठे रैंक पर आई जिन्निया अरोड़ा के अलावा नव-चयनित युवा नितीश , शगुन मेहरा , शिखा ने भी अपने लक्ष्य तक पहुंचने की अपनी यात्रा सांझा की।