कांग्रेस बोली-अगर पूरी स्ट्रैटजी अभी बता दी तो होशियार हो जाएंगे नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के नतीजे जारी होने के बाद इंडिया गठबंधन आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक हुई। मीटिंग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आवास हुई बैठक में सोनिया गांधी, राहुल, प्रियंका वाड्रा, शरद पवार, सुप्रिया सुले, संजय राउत, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, एमके स्टालिन, चंपई सोरेन, कल्पना सोरेन, राघव चड्ढा और सीताराम येचुरी समेत कई नेता मौजूद रहें। इंडिया गठबंधन की बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमने अच्छी तरह से लड़ाई लड़ी। अलांयस उन सभी पार्टियों का स्वागत करता है जो हमारे संविधान की प्रस्तावना में निहित मूल्यों, आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक न्याय के लिए इसके प्रावधानों के प्रति मौलिक प्रतिबद्धता को साझा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ है। यह स्पष्ट नैतिक हार के अलावा व्यक्तिगत रूप से उनके लिए बहुत बड़ी राजनीतिक क्षति है।’
खड़गे ने कहा कि जो संविधान में लिखी आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक न्याय की बातों का सम्मान करते हैं। मोदी और उनके तरीके की राजनीति के खिलाफ जनादेश मिला है। व्यक्तिगत रूप से यह उनके लिए बड़ा राजनीतिक नुकसान है। यह उनकी नैतिक हार है। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने मंगलवार 4 जून को नतीजों के बाद कहा था कि हम आगे की रणनीति मीटिंग के बाद ही बताएंगे। अगर पूरी स्ट्रैटजी अभी बता दी तो नरेंद्र मोदी होशियार हो जाएंगे। वहीं, राहुल गांधी ने भी कहा था कि विपक्ष में बैठने या सरकार बनाने का फैसला मीटिंग में ही होगा।
दरअसल, नतीजों में गठबंधन को कुल 234 सीटें मिली हैं। सरकार बनाने के लिए गठबंधन को 272 सांसदों का समर्थन चाहिए। ऐसे में बहुमत के लिए उसे मौजूदा सीट शेयरिंग से बाहर भी पार्टनर खोजने होंगे।
वहीं मीटिंग से पहले शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने कहा- NDA की बैठक है तो NDA को करने दीजिए। उनके पास नीतीश बाबू है, चंद्रबाबू हैं, चिराग बाबू हैं। लोगों ने भाजपा को बहुमत से पहले रोक दिया। अब वे जोड़-तोड़ वाली सरकार बना रहे हैं। लोकतंत्र में ऐसी कोशिशें होती हैं। अगर उनके पास नंबर हैं तो वे सरकार बनाएंगे। दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वाडिंग ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब के लोगों ने मन बना लिया है। अगली बार कांग्रेस की सरकार आएगी। कांग्रेस पार्टी ही एक विकल्प के रूप में जनता को नजर आ रही है।