पंचकूला: हरियाणा एसजीएमसी के द्वारा 7 जनवरी को 104 करोड़ का बजट पेश किया गया था। अब इस बजट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हरियाणा एसजीएमसी वाइस प्रधान गुरमीत सिंह के द्वारा इस बजट को लेकर एक याचिका लगाई गई थी। अब इस याचिका को लेकर पंचकूला जिला सचिवालय में पूर्व जस्टिस दर्शन सिंह की मौजूदगी में मामले को लेकर सुनवाई हुई है।
इस सुनवाई के दौरा हरियाणा एसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा और बलजीत सिंह दादूवाल सभी 49 मैंबरों के साथ पहुंचे। यह कार्रवाई पंचकूला में हुई जिसको लेकर रिटायर्ड जस्टिस दर्शन सिंह ने इस मामले के लेकर अगली सुनवाई के लिए 13 फरवरी की तारीख निर्धारित की है। इस पूरे मामले को लेकर हरियाणा एसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वाराओं के रखरखाव और उनमें काम करने वाले लोगों के लिए और हमारा बजट जुडिशल कमिशन के आदेशों के अनुसार, और उनके सदस्यों की मौजूदगी में पास किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह बजट संगत का होता है और गुरु घर के सुधार और प्रबंधन के लिए किया जाता है। यह बजट गुरुद्वारों के रखरखाव और उसमें काम करने वालों के लिए पेश किया जाता है। अगर उन्हें इस मामले को लेकर उन्हें हाई कोर्ट भी जाना पड़ा तो वो जाएंगे। जगदीश सिंह ने कहा कि कुछ ऐसे लोग जिन्हें संगत ने जानकारी दी वह यह नहीं होने देना चाहते हैं।
हरियाणा को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। एचएसजीएमसी के अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले को लेकर अब अगली सुनवाई 13 फरवरी को होगी। इस मौके पर उन्होंने बजट पर आपत्ति जताने और याचिका लगाने वालों पर भी संगीन आरोप लगाए हैं। इस मामले में याचिका करता दीदार सिंह नलवी जो कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य हैं उन्होंने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का जो बजट पेश हुआ है वो सही तरीके से पेश नहीं किया गया है।
यह एक्ट की व्यवस्था के खिलाफ है। सेक्शन 19 यह कहता है कि बजट की मीटिंग प्रधान नहीं बुला सकता और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की एग्जीक्यूटिव बॉडी बैठक बुला सकता है और सेक्शन 19 का उल्लंघन हुआ है। अध्यक्ष ने जो बजट पेश किया है उसको कोई परफॉर्म नहीं और सिर पैर भी नहीं है। बजट कानून की विधि के अनुसार, पेश नहीं किया गया और इसको नए तरीके से पेश किया जाना चाहिए।
आज उन्हें उम्मीद थी कि इस मामले को लेकर सुनवाई करते हुए फैसला लिया जाएगा और यह बजट भी रद्द कर दिया जाएगा परंतु इस मामले में अब अगली तारीख लगा दी गई है। बजट सेक्शन 19 (1) के अनुसार, नहीं है और जुडिशियल कमिशन के आगे मांग है कि यह बजट कानून की खिलाफत कर रहा है। उन्होंने कहा कि जज साहिब आदेश दें कि यह बजट एक्ट के अनुसार ही बनाया जाए।
इस मामले में बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा जुडिशल कमिशन के सामने आज मामले को लेकर तारीख लगी थी। सीनियर मीत प्रधान गुरमीत सिंह की ओर से केस दायर किया गया था कि 7 जनवरी को जो बजट पेश किया गया है। उसका कोरम पूरा नहीं था। उसमें 28 मेंबर मौजूद थे और बाकी सदस्यों के साइन किस प्रकार से दिखाए गए यह जांच का विषय है।
जिन दो सदस्यों के साइन दिखाए गए हैं सरदार बलदेव सिंह हाबड़िया और सरदार जोगा सिंह हमारे साथ गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब में मौजूद थे। उनके साइन बजट में दिखाए गए हैं। कार्यालय में रजिस्टर निकालकर घरों में जाकर साइन करवाने की कोशिश की गई। दादूवाल ने कहा कि नकली बजट पेश किया गया है और उसकी वीडियो ग्राफी फोटोग्राफी भी नहीं लाए।
दो सदस्यों ने जुडिश्यिल कमिशन के सामने एक एफिडेविट भी दिया था कि वह उस बैठक में नहीं थे और आज फिजिकल तौर पर जुडिश्यिल कमिशन के सामने पेश होकर बताया और आज कमिशन को फैसला देना चाहिए था और कानूनी कार्रवाई के लिए भी कहना चाहिए था परंतु इस पर आज कोई फैसला नहीं दिया गया। इस पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
