चंडीगढ़: आत्म निर्भर भारत, स्वस्थ भारत के लक्ष्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रव्यापी ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एच.पी.वी. ) वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की, तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में इस अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री का सीधा प्रसारण देखने के बाद की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा।
इसके उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह पहल वर्ष 2015 में पानीपत से दिए गए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ राष्ट्रव्यापी अभियान के ही संकल्प की अगली कड़ी है, जो बेटियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण को समर्पित है।

अभियान के शुभारंभ अवसर पर 40 बालिकाओं को एच.पी.वी. वैक्सीन की खुराक दी गई। राज्य सरकार ने लक्ष्य रखा है कि आगामी तीन महीनों में प्रदेश की प्रत्येक पात्र बालिका तक यह वैक्सीन पहुंचाई जाएगी। यह टीका 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों को एकल खुराक के रूप में लगाया जाएगा। वैक्सीन पूरी तरह वैज्ञानिक शोध पर आधारित एवं सुरक्षित है तथा विश्व के 160 से अधिक देशों में इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है। एच.पी.वी. वैक्सीन इस वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करती है। इसे बेटियों के स्वास्थ्य का “सुरक्षा कवच” बताया गया।

साथ ही अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपनी बेटियों को निःसंकोच यह टीका लगवाएं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी आवश्यक चिकित्सा प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि निजी क्षेत्र में हजारों रुपये में उपलब्ध यह टीका हर पात्र बालिका को पूर्णतः निःशुल्क लगाया जाएगा। यह सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि अभियान के तहत टीकाकरण का पंजीकरण यू-विन पोर्टल पर किया जाएगा तथा प्रत्येक बालिका को डिजिटल एच.पी.वी. टीकाकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और डिजिटल रिकॉर्ड सुनिश्चित होगा।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों की भी जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाकर 17 कर दी गई है तथा 3 अन्य निर्माणाधीन हैं।

सभी नागरिक जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में किडनी रोगियों को मुफ्त डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हीमोफीलिया एवं थैलेसीमिया रोगियों को 3,000 रुपये मासिक पेंशन तथा दिव्यांगजनों को 3,200 रुपये मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।
एक स्वस्थ बेटी ही सशक्त महिला बनती है और सशक्त महिला ही सशक्त समाज एवं राष्ट्र का निर्माण करती है। सरकार ने प्रदेश की प्रत्येक बेटी के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन केवल योजनाएं बनाना नहीं है बल्कि समाज में साकारात्मक परिवर्तन लाना है।एचपीवी टीकाकरण अभियान भी इसी का हिस्सा है। प्राइवेट अस्पतालों में यह टीका हजारों रुपये में मिलता है जबकि सरकार इसे मुफ्त उपलब्ध करवा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बेहतर कार्य कर रही है।

इस मौके पर संबोधित करते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों के कल्याण के प्रति समर्पित है। महिलाओं के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।प्रदेश सरकार का उदेश्य है कि हर नारी सशक्त और समृद्ध बने। उन्होंने कहा कि आज का यह टीकाकरण अभियान हमारी बेटियों को बीमारियों से बचाने में कारगर साबित होगा। इस कार्यक्रम के तहत टीकाकरण का ऑनलाइन पंजीकरण यूविन पोर्टल पर किया जाएगा।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुभाष सुधा, स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य एवं एनएचएम के एमडी डॉ. आरएस ढिल्लो, आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ता, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।