कानपुरः जिले में जर्मन शेफर्ड कुत्ते का कहर देखने को मिला है जिसने 91 साल की मालकिन को नोच-नोचकर मार डाला। बहू और पोते चाहकर भी कुछ नहीं कर सके, क्योंकि दोनों के पैर में फ्रैक्चर था। वह सिर्फ बेबस होकर चीखते-चिल्लाते रहे। पड़ोसी भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। 2 घंटे बाद पुलिस और नगर निगम की टीम पहुंची, तब कुत्ते को काबू किया गया। खून से लथपथ महिला को हैलट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डेढ़ साल से जर्मन शेफर्ड कुत्ता इनके साथ था। कुत्ता जब एक महीने का था तब पोता धीर उसे खरीदकर लाया था।
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— Encounter India (@Encounter_India) March 19, 2025
जानकारी मुताबिक, विकास नगर के बीमा चौराहे के पास मोहिनी त्रिवेदी (91) अपनी बहू किरण और पोते धीर प्रशांत त्रिवेदी के साथ रहती थीं। उनके पति सिंचाई विभाग में अफसर थे। उनकी 20 साल पहले मौत हो गई थी। मोहिनी के बेटे दिलीप त्रिवेदी विकास भवन में नौकरी करते थे। उनका 26 दिसंबर 2024 को निधन हो गया। दूसरे बेटे रिटायर्ड विंग कमांडर संजय त्रिवेदी पीरोड क्षेत्र में रहते हैं। बुजुर्ग महिला के पोते धीर बेंगलूरु में मैकेनिकल इंजीनियर है। उन्होंने घर में जर्मन शेफर्ड को पाल रखा है। एक हफ्ते पहले ही बहू और पोते दोनों के पैर और कूल्हे में फ्रैक्चर हो गया था। ऐसे में दोनों चलने-फिरने की स्थिति में नहीं थे।
होली वाले दिन यानी 14 मार्च की शाम बहू-पोते अपने कमरे में लेटे थे। शाम को मोहिनी किसी काम से आंगन की तरफ गईं, तभी कुत्ता जोर-जोर से भौंकने लगा। उन्होंने डंडे से कुत्ते को मार दिया जिसके बाद कुत्ता खूंखार हो गया और उन पर हमला बोल दिया। कुत्ते ने उनके चेहरे, गर्दन, पेट और शरीर के कई हिस्सों को नोच डाला। बहू और पोते के चिल्लाने पर पड़ोसी आए जिसके बाद पुलिस को सूचना दी। लेकिन, खूंखार कुत्ते को काबू करने की कोई हिम्मत नहीं जुटा सका। 2 घंटे तक कुत्ता घूम-घूमकर मोहिनी को नोचता रहा। पूरे आंगन में खून फैल गया। रावतपुर थाने की पुलिस और नगर निगम की टीम पहुंची, तब जाकर कुत्ते को काबू में किया।
पोते धीर त्रिवेदी ने बताया कि 10 मार्च को मेरा कुत्ता घर के बाहर भाग गया था। उसे पकड़ने के दौरान मैं गिर गया और मेरा पैर टूट गया। जबकि मां किरण बाथरूम में फिसलकर गिर गई थीं, जिस कारण उनके पैर और कूल्हे में फ्रैक्चर हुआ है। मेरी आंखों के सामने बुजुर्ग दादी को कुत्ता नोचता रहा और हम चाह कर भी कुछ नहीं कर सके।
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि धीर का जर्मन शेफर्ड कुत्ता बहुत ही खूंखार है। सामान्य तौर पर जर्मन शेफर्ड पूरा ब्लैक नहीं होता है, लेकिन यह क्रॉस ब्रीड होने के चलते पूरा ब्लैक था और शिकारी था। परिवार के लोग भी बड़ी मुश्किल से उसे हैंडल कर पाते थे। नगर निगम कर्मचारियों के मुताबिक, इतनी बड़ी घटना के बावजूद भी धीर ने अफसरों से अपने पालतू कुत्ते को वापस मांगा है, हालांकि कुत्ता अभी भी रेस्क्यू सेंटर में है।