पंचकूला: जिला सचिवालय के बाहर लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के द्वारा यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन किया गया है। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता पूर्व सांसद राजकुमार सैनी के द्वारा की गई। पूर्व सांसद राजकुमार सैनी अपने कार्यकर्ताओं के साथ जिला सचिवालय के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन किया। वहीं उन्होंने यूजीसी का समर्थन करते हुए इसको लागू करने की मांग प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया ।
लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के द्वारा पंचकूला प्रशासन के जरिए से देश के राष्ट्रपति के नाम यूजीसी को लेकर ज्ञापन सौंप कर मांग की गई कि उसको जल्द से जल्द लागू किया जाएगा। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के नेता और पूर्व सांसद राजकुमार सैनी के द्वारा मीडिया के साथ बात की गई। उन्होंने बताया कि हरियाणा के 19 जिलों में अभी तक यूजीसी को लेकर प्रदर्शन हो चुके हैं।
पंचकूला 19वां जिला है। उन्होंने कहा कि यूजीसी को लेकर हम सरकार का समर्थन करने के लिए आए हैं। अगर सरकार का समर्थन करने में ऐतराज है तो मुझे नोटिस भी दिया गया है कि मैं बिना बताए प्रदर्शन करने के लिए आया हूं। उन्होंने कहा कि अभी तक मैं कई जिलों में जा चुका हूं लेकिन किसी के द्वारा भी नोटिस नहीं दिया गया है। बैकवर्ड क्लास के साथ हमेशा भेदभाव किया गया है और यूजीसी कानून में 10 लोगों की कमेटी बननी है और उसमें कहीं लिखा गया है कि इसमें सभी एससी बीसी के लोग होंगे और जनरल कैटेगरी के साथ भेदभाव करेंगे। जैसे मंडल के खिलाफ आडवाणी एक मंडल लेकर पूरे देश में चल पड़े थे और बाबरी मस्जिद का तूफान उठाया था।
मण्डल आयोग की जुबान को दबा दिया गया था। यह भी वही बात है इस कानून में जनरल कैटेगरी के लोगों की उपस्थिति रहेगी। दो प्रोफेसर स्टूडेंट आम नागरिक एक महिला क्लर्क किए जाने हैं और आज भी कहा गया है कि इस कमेटी में एससी बीसी के लोग होने चाहिए यह बिल को घुमा है और सटे लेकर बैठे हैं। 19 मार्च को इस मामले में फाइनल फैसला आने वाला है।
देश के अंदर बैकवार्ड क्लास के लोग सड़कों पर हैं। उन्होंने कहा कि सभी कॉलेजों के स्टूडेंट, लेक्चर, प्रोफेसर भी सड़कों पर है। आज हम 19वें जिले में ज्ञापन देने आए थे और उपायुक्त को ज्ञापन देने के लिए आए थे जबकि उपायुक्त ज्ञापन लेने नहीं आए और तहसीलदार को भेजा है फॉर्मेल्टी की गई है। उन्होंने कहा फिर भी हमने यूजीसी को लेकर देश के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है।
हम उम्मीद करते हैं कि यह ज्ञापन राष्ट्रपति तक पहुंचा जा सका और उन्होंने कहा कि इस तरह का भेदभाव बैकवर्ड क्लास बर्दाश्त नहीं करेगी। आपको मालूम है आज रुपया 100 क्रॉस कर रहा है और जो लोग 2002 करोड़ नौकरियां देने वाले थे और 15 लाख देने वाले थे वह लोग आज 15 लाख के बदले में 5-5 किलो दान देने पर आ गए हैं।
अमेरिका ट्रेड डील के अंदर 5 मिनट के अंदर एक फोन पर सीजफायर हो जाता है और एक फोन के ही जरिए ट्रेड डील हो जाती है। इस डील के चलते जहां हम लोग रुस से सस्ता तेल खरीदते थे। अब वेनेजुएला से हम महंगा तेल खरीदेंगे। जब हमारा माल बाहर जाएगा तो 15 से 18 प्रतिशत जीएसटी देंगे और उनके सामान र हम जीरो जीएसटी लेंगे।
यह दोहरा मापदंड इस देश के साथ किस दबाव में खेला गया है। अमेरिका का अनाज यदि देश में बिकेगा तो भारत का छोटा किसान उनके सामान का मुकाबला ही नहीं कर पाएंगे और सभी बेरोजगार हो जाएंगे और जमीनें भी नीलाम हो जाएगी। इस पैटर्न पर देश तो नहीं जा रहा ऐसे चीन में राष्ट्रपति फॉरएवर के लिए होता है क्या यहां भी यह गेम प्लान तो नहीं चल रहा है।