अमृतसरः बाढ़ के बाद अब पानी नीचे जाना शुरू हो गया है। इसी के साथ अब इसका विकाराल रूप भी दिखना शुरू हो गया है। इसका ताजा उदाहरण अमृतसर के अजनाला से सामने आया है। जहां, सूअर में अमेरिकन स्वाइन फीवर नामक जानलेवा बीमारी फैलनी शुरू हो गई है।
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ਹੜਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੁਣ, ਅਮੈਰੀਕਨ ਸਵਾਈਨ ਫੀਵਰ ਨੇ ਸੂਰ ਪਾਲਕਾਂ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਬਰਬਾਦ
जानकारी देते हुए सूअर पालक सरबजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने लगभग 23 लाख की लागत से यह सूअर फार्म तैयार किया था। उनके सूअरों को सबसे पहले 5 तारीख को यह बीमारी हुई थी, जिसके बारे में उन्होंने तुरंत सरकारी अस्पतालों में बात की और उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया था कि वह उसकी मदद करेंगे, लेकिन धीरे-धीरे उनके 200 से ज्यादा सूअर मर गए, अब जब उनके पास 6 सूअर बचे हैं तो आज पूरा विभाग पूरी टीम के साथ आया है और उनके बचे हुए 6 सूअरों को भी मारकर जमीन में दफना दिया है। इससे उन्हें लगभग 23 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने मांग की कि सरकार उसे मुआवजा दे, क्योंकि प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें यह बड़ा नुकसान हुआ है।
पशुपालन विभाग के सहायक निर्देशक रविंदर सिंह कंग ने बताया कि अजनाला के धारीवाल कलेर गांव में अमेरिकन स्वाइन फीवर नामक बीमारी फैली है, जहां एक सूअर फार्म के 6 सूअर इस बीमारी से ग्रस्त पाए गए। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। इसलिए सूअरों को फार्महाउस में ही मारकर दफना दिया गया है और सूअर फार्म को सैनेटाइज करवाया गया है। इस बीमारी का दायरा लगभग 3 किलोमीटर तक है और 3 किलोमीटर के आसपास के सभी सूअर फार्मों को सैनेटाइज करके निगरानी में रखा जाएगा।
अगर यह बीमारी और फैलती है, तो उन सूअरों को मारकर वहीं दफना दिया जाएगा। इस बीमारी का मानव जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, यह केवल सूअरों में फैलती है और सूअरों की जान ले लेती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस सूअर फार्म से सूअरों और मांस की बिक्री बंद कर दी गई है ताकि यह बीमारी दूसरे फार्मों में न फैल सके।