कानपुरः नशे में दोस्तों ने झगड़े के बाद अपने ही एक दोस्त को नहर में फेंक दिया, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते आरोपियों को पकड़ा। पकड़े गए आरोपी दोस्तों ने पुलिस को बताया कि नाव में ही मटन बनाया और शराब पी थी। लेकिन बीच गंगा में मोटरबोट बंद हो गई। इसी बात को लेकर निखिल से हम लोगों का झगड़ा हुआ और फिर हमने उसे गंगा में फेंक दिया। पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को जेल भेज दिया है।
कैंट सत्ती चौराहा के पास रहने वाले गंगाराम निषाद का बेटा निखिल निषाद (30) मैस्कर घाट पर मोटर बोट चलाता था। होली पर मोटरबोट की सेवाएं बंद थीं। होली के शाम को इलाके में रहने वाले ओमप्रकाश का बेटा समीर और उसके दो दोस्त ऋशु और दीपेंद्र उसे अपने साथ ले गए थे। वहां नाव में ही मटन बनाया और शराब पी रहे थे। बीच गंगा में मोटर बोट बंद हो गई तो लगा कि निखिल ने जान बूझकर बंद कर दी है। इसी बात को लेकर निखिल से तीनों का झगड़ा हो गया था। निखिल ने भी जमकर शराब पी थी। झगड़े के बाद हमने उसे नदी में फेंक दिया।
युवक के पिता गंगाराम ने बताया- तीनों युवक बेटे को बहला फुसलाकर ले गए। इसके बाद से वह लापता हो गया था और शनिवार को बेटे निखिल की गंगा में लाश मिली थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद सत्ती चौरा कैंट निवासी समीर और उसके दो साथी बनियाबाजार निवासी दीपेंद्र और ऋशु को हिरासत में लिया।
