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कृषि मेले से किसानों को मिलेंगे नवाचार और नई तकनीकों की जानकारी

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चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कृषि विकास मेला लाडवा में घोषणा करते हुए बड़ी सौगातें दी हैं। गांव मथाना में 10 एकड़ भूमि पर जैविक कृषि व आधुनिक प्रबंधन प्रणाली संस्थान खोला जाएगा। इस संस्थान में कृषि साइंस के यूजी, पीजी से लेकर पीएचडी तक के कोर्स उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही कैथल से यमुनानगर वाया ढांड, पिपली, रादौर मार्ग को फोरलेन किए जाने की घोषणा की। यह फोरलेन मार्ग एनएच-152डी, एनएच-44 और शामली एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने लाडवा उपमंडल सचिवालय के नए भवन, लोकनिर्माण विभाग की 9 सडक़ों का शिलान्यास भी किया।

शनिवार को चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की तरफ से लाडवा अनाज मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय कृषि विकास मेले का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर पर बैठकर विश्वविद्यालय व किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉलों और कृषि मेले का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने कृषि विकास मेला को हरियाणा की कृषि आत्मा का उत्सव बताया जो अन्नदाताओं के परिश्रम, संकल्प और नवाचार का महोत्सव है। भव्य आयोजन के लिए विश्वविद्यालय और सभी आयोजकों को बधाई व शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने होली के पर्व की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं भी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. बीआर काम्बोज ने स्मृति चिन्ह, शॉल व पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया।

प्रगतिशील किसानों ने नवाचारों से कृषि क्षेत्र को गति दी है, जो हमारे अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। इस मेले का थीम जल संरक्षण प्रति बूंद से अधिक फसल रखा गया है। मौजूदा समय में बदलते जलवायु परिदृश्य, घटते भूजल स्तर और अनियमित वर्षा ने कृषि क्षेत्र के सामने अनेक नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे समय में जल संरक्षण पर केंद्रित यह मेला वास्तव में दूरदर्शी पहल है। प्रति बूंद अधिक फसल का अर्थ तकनीक के साथ हमारी सोच में परिवर्तन लाना भी है। उन्होंने कहा कि हमें समझना होगा कि पानी अनंत नहीं है। यह मेला किसानों को जल प्रबंधन की उन्नत तकनीकों से जोडक़र एक जन-आंदोलन का रूप लेगा।

वैज्ञानिक शोध को हर खेत व हर किसान तक पहुंचाएं

विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक शोध को प्रयोगशाला तक सीमित न रखें, बल्कि हर खेत व हर किसान तक पहुंचाएं। किसान और वैज्ञानिक का सीधा संवाद ही कृषि को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। यह मेला किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों, नई तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह से जोडऩे का एक सशक्त मंच है। यहां पर 150 से अधिक स्टॉल्स, आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, मिट्टी और पानी की जांच सुविधा, रोगग्रस्त फसलों की जांच व निदान, फसल प्रतियोगिता, लक्की ड्रॉ, ये सब मिलकर इस मेले को ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का संगम बना रहे हैं।

सरकार का दृष्टिकोण किसान को अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जा दाता, रोजगार दाता और अर्थव्यवस्था का निर्माता बनाना है

हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश है। हमारी पहचान हमारे खेत-खलिहानों से है, हमारी समृद्धि हमारे किसान के पसीने से है। हरियाणा की धरती ने हमेशा देश को अन्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता, रोजगार दाता और अर्थव्यवस्था के निर्माता बने। इसलिए हमारी नीतियां केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि किसान की आय बढ़ाने, लागत घटाने और जोखिम को कम करने पर केंद्रित हैं।

धान की जगह वैकल्पिक फसलें बोने पर किसानों को 157 करोड़ रुपये की दी वित्तीय सहायता

हमारे किसान ऐसी फसलों की पैदावार लें, जिसमें पानी की कम जरूरत होती है। सरकार ने ऐसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत योजना वर्ष 2020 में शुरू की। इस योजना के तहत वैकल्पिक फसलें लेने या खेत खाली छोड़ने वाले किसानों को 8 हजार रुपये प्रति एकड़ वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत 2 लाख 20 हजार एकड़ में धान की जगह वैकल्पिक फसलें बोने पर किसानों को 157 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। इसके अलावा पानी की बचत के लिए वर्षा जल संचयन, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। माइक्रो इरीगेशन तकनीकों पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। किसानों को तालाब बनाने के लिए भी 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है।

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के शोधित पानी को सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की 11 योजनाएं पूरी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के शोधित पानी को सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की 27 योजनाएं तैयार की हैं। इनमें से 11 पूरी हो चुकी हैं। इनसे सिंचाई के लिए एक स्थायी जल स्रोत मिलेगा, नहरों पर दबाव कम होगा और भूजल का दोहन भी घटेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने फसल अवशेष व पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए किसानों को जागरूक किया है और उन्हें पराली प्रबंधन के लिए 1 लाख से ज्यादा मशीनें दी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान हित में नकली बीज व कीटनाशकों पर रोक लगाने के लिए कानून बनाया है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित बीज व कीटनाशक बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों से अनुरोध करते हुए कहा कि वे नकली बीज व कीटनाशकों की रोकथाम में सहयोग करें।

मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 21 फसलें को किया शामिल

प्रदेश के प्रगतिशील किसान भाइयों ने सब्जी व फलों की खेती करने के लिए नेट हाउस, पॉलीहाउस, हाइटेक ग्रीन नेट हाउस आदि आधुनिक तकनीकों को अपनाया है। सरकार ने बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सब्जियों व फलों के लिए भावांतर भरपाई योजना लागू की है। इस योजना के तहत अब तक 35 हजार से अधिक किसानों को 157 करोड रुपये से अधिक की राशि भावांतर के रूप में दी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने बागवानी किसानों को भी मौसम की अनिश्चितताओं के जोखिम से मुक्त किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 21 फसलें शामिल की गई हैं।

किसानों तक ड्रोन, रिमोट सेंसिंग, एआई आधारित निर्णय प्रणाली और डिजिटल खेती को पहुंचा रही सरकार

डिजिटल तकनीक ने खेती को बदल दिया है। ऐसे में सरकार ड्रोन, रिमोट सेंसिंग, एआई आधारित निर्णय प्रणाली और डिजिटल खेती जैसे नवाचारों को किसान भाइयों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। सरकार ने पारदर्शी खरीद प्रणाली, समय पर भुगतान और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया है। यह कृषि विकास मेला उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। यहां से जो ज्ञान, जो प्रेरणा, जो ऊर्जा आप लेकर जाएंगे, वह आपके खेतों में नई कहानी लिखेगी।

विश्व भर के लिए धान की फसल का उत्पादन करता है हरियाणा प्रदेश : श्याम सिंह राणा

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा विश्व भर के लिए धान की फसल का उत्पादन करता है। हमारा देश दालों को दूसरे देश से मंगवाता है। अब किसानों को रुटीन की फसलों को छोडक़र अन्य फसलों का उत्पादन करना है। इसके साथ ही सबसे ज्यादा पानी की लागत वाली धान की फसल में तकनीक व सीधी बिजाई का इस्तेमाल करके पैदावार लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को समृद्ध बनाने के लिए पशुपालन, मछली पालन, सब्जी उत्पादन जैसे विकल्प को शामिल किया है। सरकार पशुपालन को बढ़ावा दे रही है।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार योजनाएं बना रही है। इन योजनाओं को वर्ष 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। हमारे बुजुर्ग अपने समय में सभी फसलों की पैदावार लिया करते थे। अब भी उसी पद्धति को अपनाने की जरूरत है।

एचएयू ने लगभग 50 किस्मों पर किया सफल अनुसंधान

कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके साथ ही विभाग की योजनाओं को विस्तार से बताया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रो. डा. बीआर काम्बोज ने कहा कि एचएयू ने अपने कैंपस के बाहर पहली बार मेले का आयोजन किया है। उन्होंने संस्थान की तरफ से बाजरा, गन्ना, धान सहित लगभग 50 किस्मों पर सफल अनुसंधान किया है। किसानों को धान की सीधी बिजाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने महिला प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित

कृषि विकास मेले में प्रदेश की प्रगतिशील महिला किसान को सम्मानित किया। इनमें करनाल के गांव औगंध से काजल, मण्डकोला के गांव मीरपुर कौराली से इंदिरा देवी, हिसार के आदमपुर से रेखा, भिवानी के गांव नाथूवास से मुन्नी बाई, यमुनानगर के गांव बहादुरपुर से रजनी, पानीपत के गांव बसाड़ा से पुष्पा देवी, महेन्द्रगढ़ के गांव गुढ़ा से नीतू यादव, जींद के गांव इक्कस से निर्मला, कैथल के गांव बाता से पूजा देवी, फरीदाबाद के गांव फैज्जुपुर खादर से सरिता, पंचकुला के गांव बालदवाला से सुनीता देवी, सोनीपत के गांव पुरखास राठी से सोनिया, कुरूक्षेत्र के गांव धनोरा जाटान से मनदीप कौर, नूंह के गांव संगेल से मंचनल रानी, फतेहाबाद के गांव ढाणी डूल्ट से सरोज, झज्जर के देव नगर से मनीषा, अंबाला के गांव काठगढ़ छपरा से नेहा देवी, रेवाड़ी के मोहम्मदपुर से शीला देवी, रोहतक के गांव पहरावर से बबीता, सिरसा के गांव मिठड़ी से कुलदीप कौर शामिल रही।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल, पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

 

 

 

 

 

 

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