गुरुग्रामः जिले के कादीपुर क्षेत्र में जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां शिकायतकर्ता ने कोर्ट स्टे के बावजूद उनकी संपत्ति की फर्जी रजिस्ट्री करने के आरोप लगाए हैं। वहीं मामला उजागर होने के बाद पुलिस जांच पर भी राजनीतिक दबाव के आरोप लगाए जा रहे हैं।
पीड़ित जितेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी माता मेवा देवी पुत्री स्व. रतन सिंह की 3,470 वर्गगज जमीन है और उस जमीन पर चंडीगढ़ हाईकोर्ट द्वारा स्टे लगाई गई है। इसके बावजूद कुछ लोगों ने मिलीभगत कर अवैध रूप से उनकी जमीन पर रजिस्ट्री करवा दी जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई है जिसमें मुख्य आरोपी के रूप में यशपाल राणा समेत 7 व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं। शिकायत के अनुसार, 15 और 16 अक्टूबर 2024 को कुल 3,470 वर्गगज जमीन की रजिस्ट्री अलग-अलग लोगों के नाम कर दी गई। इनमें 180, 850, 200 और 610 वर्गगज के हिस्से शामिल बताए गए हैं।
मेवा देवी का कहना है कि आरोपियों को इस बात की पूरी जानकारी थी कि जमीन पर कोर्ट का स्टे लागू है और यह बात पटवारी रिकॉर्ड में भी दर्ज है। इसके बावजूद रजिस्ट्री कराना स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी और षड्यंत्र की श्रेणी में आता है। इस संबंध में पुलिस ने शिकायत संख्या 6730/CP/25/BYH दिनांक 08.04.2025 के तहत FIR दर्ज कर ली है। जांच एसआई राजेश को सौंपी गई है और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों तथा क्षेत्र के मजिस्ट्रेट को भी दी गई है।
पीड़ित महिला मेवा देवी ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि वे एक गरीब महिला हैं और उनकी असहाय स्थिति का फायदा उठाकर उनके अधिकारों का हनन किया गया है। जितेंद्र ने बताया कि उन्होंने पुलिस के अन्य बड़े अधिकारियों और एसपी से भी मुलाकात की थी, लेकिन कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद एसपी छुट्टी पर चला गया जिससे लगता है कि वह राजनीतिक दबाव में आकर न्याय नहीं मिल रहा है। पीड़ितों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर गुरुग्राम में जमीन विवादों और रजिस्ट्री प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि कोर्ट आदेशों की भी अवहेलना की जा रही है, तो प्रशासन को कड़ी कार्रवाई कर ऐसी घटनाओं पर रोक लगानी चाहिए।
