भिलाईः छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की भर्ती से जुड़े स्कैम की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने मंगलवार को राज्य में एक साथ कई जगहों पर छापा मारा है। ये कार्रवाई छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की 2020 और 2021 की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और सेलेक्शन प्रोसेस में गड़बड़ी के मामले से जुड़ी है। ईडी की टीम ने कुल 7 ठिकानों पर तलाशी ली। इनमें पूर्व CM भूपेश बघेल के PA रहे केके चंद्रवंशी और पूर्व पटवारी कमलेश सिंह राजपूत के घर शामिल हैं। दरअसल, भिलाई में केके चंद्रवंशी के घर ईडी की टीम सुबह करीब 6 बजे 2-3 गाड़ियों से पहुंची।
टीम दस्तावेजों और दूसरे जरूरी सामान की जांच कर रही है। घर के बाहर पुलिस बल भी तैनात है। वहीं, दुर्ग के सिकोला भाठा की बंगाली कॉलोनी स्थित कमलेश राजपूत के घर पर भी सुबह से जांच जारी है। पटवारी संघ के प्रदेश पदाधिकारी रह चुके राजपूत के घर ईडी के करीब 8 अधिकारी दो गाड़ियों से पहुंचे हैं। जांच में राजपूत के परिवार के सदस्यों की सरकारी पदों पर नियुक्तियों से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। उनकी दो बेटियां पटवारी, एक बेटी उपपंजीयक और बेटा नायब तहसीलदार हैं। फिलहाल, ईडी की ओर से कार्रवाई को लेकर डिटेल जानकारी सामने नहीं आई है।
यह कार्रवाई पूर्व CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की 25 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद हो रही है। सोनवानी को परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़े केस में गिरफ्तार किया गया था। जांच 2020 और 2021 में CGPSC की राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और गड़बड़ी के आरोपों से जुड़ी है। ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच 2024 में सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। ईडी का आरोप है कि सोनवानी ने अवैध तरीके से प्रश्नपत्र लीक कराने और चयन प्रक्रिया में हेरफेर करने में मदद की। इसके बदले रिश्वत ली गई और इसका फायदा उनके रिश्तेदारों और पैसे देने वाले उम्मीदवारों को मिला।
सीबीआई ने 2 साल पहले भी CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया था। उनके साथ बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई का आरोप है कि CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन हुआ। सीबीआई के मुताबिक, सोनवानी के कार्यकाल में PSC में हुई भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। आरोप है कि, उन्होंने अपने कई करीबी रिश्तेदारों और कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के 18 रिश्तेदारों की नौकरी लगवाई है। जांच में पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं।