हरदोईः उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक गरीब ई-रिक्शा चालक को आयकर विभाग की तरफ से 38.5 करोड़ रुपये के लेनदेन और इनकम टैक्स रिटर्न न भरने का नोटिस मिला है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस व्यक्ति को नोटिस मिला है, वह खुद पढ़-लिख भी नहीं सकता और रोज मेहनत कर अपने परिवार का गुजारा करता है।
पीड़ित का नाम रामपाल है, जो हरदोई जिले के अतरौली थाना क्षेत्र के गांव गंजहाखेड़ा का रहने वाला है। वह दिल्ली में ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है, जबकि उसकी पत्नी दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा का काम करती है। गांव में उसके पास केवल एक बीघा जमीन है, जिस पर खेती होती है। ऐसे में उसके नाम पर करोड़ों रुपये का लेनदेन होना सभी को हैरान कर रहा है।
मोबाइल चोरी होने के बाद हुआ दुरुपयोग
रामपाल ने बताया कि करीब तीन साल पहले उसकी मां का निधन हो गया था। उस समय वह दिल्ली में था और किसी से फोन पर गाड़ी बुक करने के लिए बात कर रहा था। तभी अचानक किसी ने उसका मोबाइल फोन छीनकर भाग लिया। उस मोबाइल में उसके आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटो भी सेव थीं।
उसी मोबाइल से उसके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि किसी ने उसके आधार और पैन कार्ड की मदद से बैंक खाता खुलवाया और उसी खाते के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन किया।
डाक से मिला नोटिस तो उड़ गए होश
कुछ दिन पहले गांव के एक टेलर रजनीश के पास डाकिया एक चिट्ठी देकर गया। रजनीश ने वह चिट्ठी रामपाल को भेजी। जब रामपाल ने उसे दिखवाया तो पता चला कि यह आयकर विभाग का नोटिस है, जिसमें लिखा था कि उसके खाते से 38.5 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है और उसने उसका आयकर रिटर्न भी नहीं भरा है। यह सुनकर रामपाल के होश उड़ गए, क्योंकि वह खुद इतनी बड़ी रकम के बारे में सोच भी नहीं सकता।
वकील से जांच कराने पर खुला मामला
रामपाल ने इस मामले में हाई कोर्ट के एक वकील की मदद ली। वकील ने पैन कार्ड की डिटेल निकलवाई तो पता चला कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में करीब 7.5 करोड़ रुपये और वर्ष 2024-25 में लगभग 31 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। इस तरह कुल मिलाकर उसके पैन कार्ड के जरिए 38.5 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया।
रामपाल का कहना है कि उसे इस पूरे लेनदेन की कोई जानकारी नहीं थी। अब आयकर विभाग की ओर से उसे इनकम टैक्स रिटर्न न भरने का नोटिस भेजा गया है।
15 साल से दिल्ली में मेहनत कर चला रहा परिवार
रामपाल पिछले करीब 15 वर्षों से दिल्ली में रहकर ई-रिक्शा चलाता है। उसकी पत्नी भी वहीं लोगों के घरों में काम करती है। दोनों मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। गांव में उनकी केवल एक बीघा जमीन है, जहां खेती होती है।
अब यह मामला सामने आने के बाद रामपाल काफी परेशान है और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहा है। उसे उम्मीद है कि जांच के बाद असली आरोपियों का पता चलेगा और उसे इस मुसीबत से राहत मिलेगी।