संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें जन्मोत्सव पर पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ
चण्डीगढ़: हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें जन्मोत्सव के अवसर पर डॉ. बी.आर. अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना के पात्र परिवारों को लाभ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश स्तर पर पात्र परिवारों का चयन करने के निर्देश दिए हैं।
कृष्ण कुमार बेदी आज चण्डीगढ़ में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव एवं निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अजय कुमार, सेवा विभाग के संयुक्त सचिव जयप्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि डॉ. बी.आर. अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले पात्र परिवारों को मकान के नवीनीकरण के लिए 80 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर पात्र परिवारों की पहचान एवं चयन की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, ताकि लाभार्थियों को योजना का लाभ शीघ्र मिल सके।
यह योजना अब सभी वर्गों के गरीब परिवारों के कल्याण के लिए भी लागू की गई है। 30 जून, 2026 तक सभी वर्गों के 85,815 लाभार्थियों को 415.48 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों के लिए योजना को 25 सितंबर, 2026 से पुनः शुरू किया जाएगा।
ष्ण कुमार बेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्गों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, मुख्यमंत्री सामाजिक समरस्ता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना, अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना तथा मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
सरकार ने संत महापुरुष सम्मान प्रचार-प्रसार योजना के तहत संत-महापुरुषों की जयंतियां सरकारी स्तर पर मनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य संत-महापुरुषों की शिक्षाओं एवं विचारों को जन-जन तक पहुंचाना तथा उनके योगदान को सम्मान देना है।

