नई दिल्लीः अमेरिका की ईरान के साथ बातचीत विफल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बैन लगाने की धमकी का सोमवार को बाजार पर जोरदार असर हुआ। कच्चे तेल के भाव उछल गए जिसकी वजह से स्टॉक मार्केट सोमवार को तेज गिरावट के साथ खुले। सप्ताह के पहले ही दिन बाजार में हाहाकार मच गया और सेंसेक्स-निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए। बाजार खुलते ही सेंसेक्स 1400 अंक से ज्यादा टूट गया, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये पल भर में स्वाहा हो गए।
बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों के भीतर बिकवाली का दबाव और ज्यादा बढ़ गया है, जिससे निवेशकों में अफरातफरी का माहौल है। सुबह 9:20 बजे तक सेंसेक्स की गिरावट बढ़कर 1,624.21 अंक (2.09%) तक पहुंच गई, जिसके बाद इंडेक्स 75,926.04 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। निफ्टी में भी भारी बिकवाली जारी है और यह 471.15 अंक (1.96%) टूटकर 23,579.45 के करीब पहुंच गया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के खतरों और कच्चे तेल की कीमतों में आए अचानक उछाल ने भारतीय बाजार के सेंटीमेंट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है, जिससे हर सेक्टर के शेयरों में लाल निशान नजर आ रहा है।
आज सुबह 9:15 बजे जैसे ही बाजार खुला, बीएसई (BSE) सेंसेक्स 1,446.37 अंक (1.87%) की भारी गिरावट के साथ 76,103.88 के स्तर पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 373.25 अंक (1.55%) लुढ़ककर 23,677.35 पर खुला। बता दें कि प्री-ओपनिंग सेशन में तो गिरावट और भी डरावनी थी, जहां सेंसेक्स 1600 अंकों तक नीचे चला गया था। बाजार में इस क्रैश की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। इसके तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन ने ईरानी बंदरगाहों के चारों ओर नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने की योजना का ऐलान कर दिया। ऊपर से इजरायल द्वारा ईरान पर फिर से हमले शुरू करने की खबरों ने आग में घी डालने का काम किया।
