नई दिल्ली: ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच में डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक नया प्रस्ताव पेश कर दिया है। उनका कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदल दिया जाए। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रूथ पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि जब ये अमेरिका के कंट्रोल में है तो फिर क्या होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट करना चाहिए? इस पर ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका के जैसे यह पहले से भी कही ज्यादा हॉट होगा।
अमेरिका-ईरान की जंग के चलते होर्मुज पर पड़ा असर
व्हाइट हाउस की मानें तो अमेरिकन नेवी की ओर से होर्मुज से न सिर्फ ईरानी माइन साफ करवाए गए हैं बल्कि सैंकड़ों व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित गुजरने में भी मदद मिली है। ईरान ने इन दावों से इनकार कर दिया है उसका कहना है कि ये जलमार्ग अभी भी तेहरान के प्रभाव में है। अमेरिका-ईरान की जंग के चलते होर्मुज से तेल और गैस का आना-जाना भी कम हो गया है।
लेक ओंटारिया का भी बदला नाम
बता दें कि ट्रंप इससे पहले भी कई बार ऐसा कर चुके हैं। उन्होंने अपने अनुसार, कई जगहों के नाम अमेरिकी सरकारी रिकॉर्ड में लेक अमेरिका कर दिया है। आदेश के अंतर्गत आतंरिक विभाग को 30 दिनों के अंदर् सरकारी नक्शों और दस्तावेजों में नया नाम दर्ज करना है। कनाडा ने ट्रंप के इस बदलाव को खारिज कर दिया है। पीएम मार्क कार्नी ने कहा कि इस झील का नाम वेडांट आदिवासी भाषा से आया है। ये कनाडा के संघ और अमेरिकी की स्वतंत्रता घोषणा से भी पुराना है।
अमेरिकी की खाड़ी कहने का दिया निर्देश
डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2025 में कार्यकारी आदेश जारी करके मैक्सिको की खाड़ी को संघीय एजेसियों के लिए अमेरिका की खाड़ी कहने का निर्देश दे दिया है। अमेरिकी सरकारी नक्शों और दस्तावेजों में यह नाम दिखने लगा है। मैक्सिको ने ट्रंप के इस कदम को सिरे से खारिज कर दिया है। तत्कालीन राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम ने कहा है कि अमेरिका अपने महाद्वीपीय शेल्फ वाले हिस्से का जो भी चाहे वो कह सकता है परंतु अंतरराष्ट्रीय जल निकाय मैक्सिको की खाड़ी पर रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकारों के अनुसार, होर्मुज जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का नाम किसी एक देश की ओर नहीं बदला जा सकता। ये नाम संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि के अलावा लंबे समय से चले आ रहा हैं। ऐसे में भौगोलिक उपयोग, संधियों और नेविगेशन सिस्टम और वैश्विक व्यापार पर आधारित होते हैं।