नई दिल्ली: दिल्ली और एनसीआर में दीवाली से पहले ही वायु प्रदूषण के कारण हालात खराब हो गए हैं। लगातार चार दिनों से हवा की गुणवत्ता गिरती जा रही है। इसके कारण शहर धुएं और धुंध की चादर में लिपट चुका है। लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और कम विजिबिलिटी जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली की पूरी एयर क्वालिटी इंडेक्स सुबह 5:30 बजे 274 दर्ज किया गया है। यह एक्यूआई खराब श्रेणी में आता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का यह अनुमान है कि दीवाली के बाद पटाखों और पराली जलाने से स्थिति और खराब हो सकती है।
धुंध के कारण कम हुई विजिबिलिटी
दीवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली हो गई है। सुबह के समय धुंध और धूल के कारण से विजिबिलिटी काफी कम हो गई है। इसके कारण ट्रैफिक और दैनिक जीवन प्रभावित भी हो रहा है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, बारापुला के आस-पास एक्यूआई 290 (खराब श्रेणी) और अक्षरधाम के पास 426 (गंभीर श्रेणी) तक पहुंच गया। आनंद विहार में एक्यूआई 404, वजीरपुर में 361, विवेक विहार में 349, द्वारका सेक्टर-8 में 327, आरेक पुरम में 322, सिरीफोर्ट में 317, जहांगीरपुरी में 314, नेहरु नगर में 310, अशोक विहार में 304 और बवाना में 303 दर्ज किया गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि शहर के ज्यादातर इलाकों में बहुत खराब या गंभीर श्रेणी में एक्यूआई पहुंच चुका है।
एनसीआर में बिगड़ा हवा का स्तर
दिल्ली का प्रदूषण सीमाओं को लांघकर गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद तक फैल चुका है। नोएडा में एक्यूआई 312, गुरुग्राम में 258, गाजियाबाद में 324 और फरीदाबाद में 190 दर्ज किया गया है। इन इलाकों में धुंध की चादर बिछ गई है। इससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी चिताएं बढ़ चुकी है। वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने जैसे मुख्य कारण जिम्मेदार हैं।
दीवाली के बाद बढ़ेगा खतरा
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, 20 अक्टूबर को एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में पहुंच सकता है वहीं दीवाली के बाद यह गंभीर स्तर को छू सकता है। परिवहन उत्सर्जन 15-16% योगदान दे रहा है वहीं पराली जलाने का असर सिर्फ 2-5% है। अधिकारियों ने पटाखों पर प्रतिबंध और GRAP-1 उपायों को सख्ती से लागू करने का भी आह्वान किया है।