होशियारपुरः देश के कई युवा पैदल और साइकिल यात्रा करके लोगों को खूबसूरत संदेश देते रहते हैं। वहीं अब लड़कियां भी इस काम में बढ़-चढ़कर आगे आ रही हैं। ताजा मामले में साइकिलिस्ट यमुना नेपाल से साइकिल चलाकर होशियारपुर पहुंची हैं, जो लोगों में पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का संदेश फैला रही हैं। अमृतसर में दरबार साहिब के दर्शन करने और वाघा बॉर्डर पर परेड देखने के बाद, वह होशियारपुर होते हुए अपने अगले पड़ाव की ओर बढ़ रही हैं।
होशियारपुर पहुंचने पर स्थानीय साइकिलिंग क्लबों और समाजसेवियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर स्थानीय साइकिलिस्ट बलराज सिंह चौहान ने उनके साहस की सराहना की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। साइकिलिस्ट यमुना का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और प्रदूषण-मुक्त पर्यावरण के लिए साइकिल के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
साइकिलिस्ट यमुना डाकाल ने बताया कि वह नेपाल से वर्ल्ड टूर पर जाना चाहती थी, लेकिन उन्हें फिलहाल वीजा नहीं मिला जिसके चलते वह अभी भारत का भ्रमण कर रही है। अभी तक वह गोरखपुर, लखनऊ, आगरा, वरिंदावन, ओरंगाबाद और अन्य स्थानों से होकर गुजरी हैं। उन्होंने कहा कि उनका साइकिल यात्रा करने का उद्देश्य यही है कि महिलाएं जो अकेले कहीं जा नहीं सकती उन्हें हिम्मत देना है, ताकि महिलाएं सेफ फील कर सके। इसी के साथ उन्होंने पर्यावरण को साफ-सुथरा रखने का भी संदेश दिया है।
साइकिलिस्ट बलराज सिंह चौहान ने कहा कि नेपाल की यह लड़की विश्व भ्रमण पर निकली थी, लेकिन वीजा संबंधी दिक्कतों के चलते वह फिलहाल भारत की यात्रा कर रही हैं। अपने मेहमानों की सुरक्षा करना और उनकी मदद करना हमारा फर्ज है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि एक अकेली लड़की इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी यात्रा पर निकली है। साइकिल चलाना न केवल हमें फिट रखता है, बल्कि हमें ईंधन की बढ़ती कीमतों और प्रदूषण से भी बचाता है।
