नई दिल्ली : इंटरनेट से जुड़ी आज की दुनिया मे जहां एक तरफ घर बैठे दुनियाभर की जानकारी लोगों को मिल जाती है, तो वहीं दूसरी तरफ कई काम भी ऑनलाइन के माध्यम से बड़ी ही सुगमता से हो जाते है। दूसरी तरफ एच ये भी है कि हर अच्छी चीज अपने साथ कुछ खामियां भी लेकर आती है। यह नियम इंटरनेट की सुविधा पर लागू होता है। इसे लेकर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक जरीज ताज ने एक सर्कुलर जारी किया है। ट्रेनिंग सेशन की शुरुआत साउथ दिल्ली क्षेत्र में आने वाले सरकारी स्कूलों से होगी। बच्चों को साइबर खतरे से बचाने और इसके प्रति जागरूक बनाने को लेकर एक NGO ने इसकी अनुमति के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा था। जिस पर विभाग की तरफ से गाइडलाइन के साथ ट्रेनिंग सेशन की अनुमति दी गई है। इसके तहत कक्षा 6 से 9 तक के बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड एवं अन्य ठगी से सतर्कता और सुरक्षित रहने के तरीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
जहां सामान्य लोग इंटरनेट का इस्तेमाल सही दिशा में करते हैं, तो वहीं साइबर क्रिमिनल इसका इस्तेमाल अपनी बुरी मंशा को पूरा करने के लिए करते है। यही वजह है कि लोग आए दिन साइबर अपराधियों के शिकार बन रहे है। इनमें बच्चों की संख्या भी काफी होती है, क्योंकि वे परिपक्व नहीं होते हैं और आज के सोशल मीडिया के जमाने मे वे आसानी से इसके शिकार बन जाते है। इस बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार की शिक्षा विभाग ने एक जागरुकता अभियान चलाकर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देने और इसके खतरे से बचाव एवं सतर्कता के लिए विशेष प्रकार की ट्रेनिंग देने का फैसला किया है।