हेल्थः कानों में लगातार घंटी बजना, भनभनाहट या सीटी जैसी आवाज आना आमतौर पर लोग हल्के में ले लेते हैं। मेडिकल भाषा में इसे टिनिटस (Tinnitus) कहा जाता है। हालांकि डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर बार टिनिटस मामूली नहीं होता। कई मामलों में यह गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकता है, जिनका समय पर इलाज न होने पर स्थायी नुकसान का खतरा रहता है।
अगर आपके एक कान में अचानक घंटी बजने के साथ सुनाई देना कम हो जाए, तो यह मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है। इसे सडन सेंसेरिन्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। इस कंडीशन में कान बंद या भरा भरा महसूस हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार शुरुआती दिनों में इलाज मिलने से सुनने की क्षमता वापस आने की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन देरी होने पर यह और खतरनाक हो सकता है।
वहीं अगर टिनिटस सिर्फ एक कान में हो और लंबे समय तक बना रहे, तो यह एक एकॉस्टिक न्यूरोमा नाम के ट्यूमर का संकेत हो सकता है। यह ट्यूमर कान और दिमाग को जोड़ने वाली नस पर बढ़ता है। शुरुआती दौर में सिर्फ घंटी बजने की शिकायत होती है, बाद में सुनने में कमी, चक्कर आना, संतुलन बिगड़ना या चेहरे में सुन्नपन जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं।
कान में घंटी के साथ तेज चक्कर, कान में भारीपन और सुनने की क्षमता में उतार-चढ़ाव मेनिएरे डिजीज की पहचान हो सकती है। यह बीमारी कान के अंदर तरल पदार्थ के असंतुलन से होती है। टिनिटस की आवाज इस कंडीशन में तेज गूंज या गरज जैसी लग सकती है जो चक्कर आने से पहले बढ़ जाती है।
वहीं अगर कान में दिल की धड़कन के साथ-साथ धक-धक जैसी आवाज आए तो यह हाई ब्लड प्रेशर या ब्लड वेसल से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। इसे पल्सेटिला टिनिटस कहा जाता है। यह कंडीशन स्ट्रोक या हार्ट अटैक के खतरे से भी जुड़ी हो सकती है, इसलिए जांच बहुत जरूरी है।