अमृतसरः पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा स्कीम को बंद करने और उसमें किए जा रहे बदलावों के खिलाफ राज्य स्तरीय संघर्ष शुरू कर दिया है। यह संघर्ष माझा इलाके से शुरू किया गया, जिसको मनरेगा बचाओ संग्राम का नाम दिया गया, जिसके अमृतसर और गुरदासपुर मुख्य सेंटर थे। इस मौके पर पंजाब कांग्रेस इंचार्ज और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह कैंपेन कांग्रेस की पहले की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अगला बड़ा कदम है। बघेल ने कहा कि आज से शुरू हुआ यह कैंपेन करीब 15 दिन तक चलेगा, जिसके तहत राज्य के अलग-अलग जिलों में मीटिंग की जाएंगी और मजदूरों व कामगर महिलाओं से सीधी बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि MGNREGA गरीबों और मजदूर वर्ग की लाइफलाइन है, लेकिन केंद्र की BJP सरकार ने इसे लगभग खत्म करने का फैसला कर लिया है जो कांग्रेस किसी भी हालत में होने नहीं देगी।
इस बीच, पंजाब कांग्रेस के प्रेसिडेंट राजा अमरिंदर सिंह वड़िंग ने कहा कि MGNREGA स्कीम को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी की लीडरशिप में कांग्रेस सरकार ने शुरू किया था, ताकि गरीब परिवारों को घर बैठे गारंटीड रोजगार मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने फंड में कटौती करके इस स्कीम को रोक दिया है।
राजा वड़िंग ने कहा कि पहले केंद्र सरकार 90 प्रतिशत और राज्य सरकार 10 प्रतिशत हिस्सा देती थी, लेकिन अब नए सिस्टम के तहत राज्य सरकार पर 40 परसेंट का बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने बायोमेट्रिक अटेंडेंस और ऐप सिस्टम पर भी सवाल उठाए और कहा कि बुजुर्ग मजदूरों के लिए इस पर अंगूठा लगाना भी मुश्किल होता है, क्योंकि कई बार बुजुर्गों के अंगूठे मशीन नहीं उठाती जिससे लोगों को काफी परेशानी होगी। इस तरह की नई स्कीमों से आने वाले समय में गरीबों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और देश में गरीबी और भी बढ़ जाएगी। इसी के तहत राहुल गांधी के निर्देश पर यह संग्राम शुरू किया गया है, ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके और मनरेगा को दोबारा स्टार्ट करवाया जा सके।
इस मौके पर डॉ. राजकुमार वेरका ने कहा कि MGNREGA को बचाने की लड़ाई आज गुरदासपुर से शुरू हुई है और यह लड़ाई 12 तारीख तक लगातार जारी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई को सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे पार्लियामेंट से लेकर गांवों, शहरों और गलियों तक ले जाएगी।