चंडीगढ़ः यूटी में ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) के बस ड्राइवरों ने मोर्चा खोल दिया है। बताया जा रहा है कि 40 बसों के करीब 100 ड्राइवर हड़ताल पर चले गए हैं। ड्राइवरो के हड़ताल पर चले जाने से बसों के चंडीगढ़ के 6 रूट प्रभावित हो चुके हैं। जिसकी वजह से हजारों यात्री परेशान हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी ड्राइवर अपना वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अपनी मांगे न मानने तक प्रदर्शन की घोषणा की है।
ड्राइवरों का आरोप है कि उन्हें CTU में डायरेक्ट कांटेक्ट के नाम पर भर्ती किया गया था, लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें किसी निजी कंपनी के जरिए रखा गया है। अब वह कंपनी ड्राइवरों का शोषण करती है। अगर कोई ड्राइवर अपने हक की मांग करता है, तो कंपनी उसे नौकरी से निकाल देती है। यही नहीं उसकी जगह बिना क्वालिफिकेशन टेस्ट के नए ड्राइवर को नौकरी पर रख लिया जाता है।
वहीं ड्राइवरों का आरोप है कि उन्हें डीसी रेट 25000 रुपए प्रति महीना देने का कहकर रखा था। लेकिन अब उन्हें 16000 रुपए प्रति महीना मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने CTU की तरफ से हरियाणा में करवाए क्वालिफिकेशन टेस्ट के बाद भर्ती किया गया था। उस समय उन्हें डीसी रेट देने का ही भरोसा दिया था, लेकिन अब बार-बार कहने के बाद भी उन्हें उनका पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है।
ड्राइवरों का कहना है कि CTU की इन इलेक्ट्रिक बसों में कई प्रकार की खामियां हैं। यह चलते-चलते ब्रेक लगा ही बंद कर देती हैं। इसकी जानकारी भी कई बार कंपनी को दी गई है, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। अब भारत सरकार द्वारा लाए नए हिट एंड रन कानून के बाद उनकी और मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई है। 16000 रुपए में नौकरी करने वाले अगर कोई हादसा होता है, तो 7 लाख रुपए कहां से देंगे। लेकिन कंपनी की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हो रही है।