अलवरः शहर के गंगा मंदिर दिल्ली दरवाजा के पास गोवर्धन की रात जन्मदिन मना रहा 23 साल का युवक त्रिलोक जाटव पटाखे की चपेट में आ गया, जिससे उसकी दोनों आंखें झुलस गई और उसे दिखना भी बंद हो गया। परिजनों ने त्रिलोक को रात को ही जिला अस्पताल दाखिल करवाया। वहां आंखों का एक्सपर्ट डॉक्टर नहीं मिलने पर निजी अस्पताल लेकर जाना पड़ा।
घायल के भाई ने बताया कि त्रिलोक जन्मदिन पर घर के बाहर ही पटाखे चला रहा था। कुछ देर बाद ही जन्मदिन का केक काटने की तैयारी थी, लेकिन भाई अचानक एक सूतली बम की चपेट में आ गया। जब बम नहीं चला तो वह उसके नजदीक जाकर देखने लगा, तभी बम फट गया, जिससे उसकी आंखें झुलस गई। आंखों से पूरी तरह दिखना बंद हो गया था उसे तुरंत आनन-फानन में जिला अस्पताल लेकर आए, जहां प्राथमिक उपचार तो कर दिया, लेकिन आंखों का एक्सपर्ट डॉक्टर नहीं मिला, जिस कारण मरीज को निजी अस्पताल लेकर जाना पड़ा।