ऊना/सुशील पंडित: आगामी पंचायती राज चुनावों में भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ की भूमिका निर्णायक होगी। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जिला भाजपा कार्यालय ऊना में आयोजित पंचायती राज प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि चुनाव भाजपा संगठन के साथ समन्वय बनाकर ही लड़े जाएं, ताकि पार्टी को किसी प्रकार का नुकसान न हो। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि लक्ष्य स्पष्ट हो की भाजपा का कार्यकर्ता चुनाव जीते। इसके लिए जिताऊ उम्मीदवारों का चयन कर उन्हें चुनावी मैदान में उतारना होगा, जिससे अधिक से अधिक भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित की जा सके। जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार डिजास्टर एक्ट का हवाला देकर पंचायती राज चुनावों को टालने का प्रयास कर रही है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव समय पर होना जनहित और लोकतंत्र दोनों के लिए आवश्यक है।
बैठक में ऊना सदर से विधायक सतपाल सत्ती ने केंद्र सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किया है, जिसके तहत अब देशवासियों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। सत्ती ने कहा कि मनरेगा की कमियों को दूर करते हुए 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर यह बदलाव किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस योजना को लेकर लोगों में भ्रम फैला रही है। कांग्रेस को ‘विकसित भारत’ से आपत्ति नहीं, बल्कि उन्हें आपत्ति केवल ‘श्रीराम’ के नाम से है।
पूर्णकालिक विस्तारक, हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के अमित शर्मा ने पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका और पंचायती राज प्रकोष्ठ के दायित्वों पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं, समस्त प्रकोष्ठ भाजपा के प्रदेश संयोजक पुरुषोतम गुलेरिया ने भाजपा की वैचारिक पृष्ठभूमि और संगठनात्मक संरचना पर विचार रखे। पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनोद ठाकुर ने भी संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्य को तेज करने पर जोर दिया। बैठक में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पंचायती राज चुनावों की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया और संगठनात्मक मजबूती का संकल्प लिया। इस मौके पर भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक कृष्णपाल शर्मा (ऊना), हमीरपुर से रमेश शर्मा, मंडी से पाल वर्मा, कांगड़ से रमेश बराड़, सोलन से रमेश ठाकुर, चंबा से डा. नीलम कुमारी, महासू से राजेंद्र चंदेल, सोलन से शीला कुमारी, पालमपुर से सूबेदार विजय भटट, चौपाल से मंगत राम शर्मा, नूरपूर से सिकंदर कुमार, सरकाघाट से चंद्रमोहन शर्मा, चंबा (पांगी) से हाकम राणा, कुटलैहड़ से राजेश कुमार सहित प्रदेश से सभी जिलों के संयोजक व सह संयोजक उपस्थित रहे।