लुधियानाः आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह द्वारा दायर मानहानि केस में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को बड़ा कानूनी झटका लगा है। मामले में पहले लुधियाना की निचली अदालत ने सुनवाई के दौरान मजीठिया के खिलाफ ट्रायल को निरस्त (निल) कर दिया था, जिसके बाद यह मामला ठंडा पड़ गया था। हालांकि, इस फैसले को चुनौती देते हुए संजय सिंह ने साल 2021 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने अब मामले में अहम फैसला सुनाया है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए संजय सिंह की याचिका को मंजूर कर लिया है। साथ ही एक बार फिर बिक्रम मजीठिया का क्रॉस करने के आदेश दिए हैं। वहीं, अब लुधियाना कोर्ट में केस की दोबारा सुनवाई चलेगी। अदालत ने बिक्रम सिंह मजीठिया के क्रॉस-एग्जामिनेशन को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं, जिससे अब इस केस में दोबारा सुनवाई तेज होने की संभावना है। वकील ने बताया कि इसी के साथ बिक्रम सिंह मजीठिया की ओर से भी एक पटीशन फाइल की थी जिसमें उन्होंने कहा कि मामले में वह 3 नए गवाहों की गवाई करवाएंगे। इसी को लेकर हाईकोर्ट का फैसला आया है जिसमें मजीठिया की पटीशन रद्द कर दी गई है और दोबारा केस ओपन कर सुनवाई की बात कही है।
बता दें, 2015-2016 के दौरान पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP नेताओं ने अकाली दल पर नशा (ड्रग्स) तस्करी का आरोप लगाया। संजय सिंह ने मोगा में एक रैली के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया को “ड्रग डीलर” (नशा तस्कर) और ड्रग्स व्यापार से जुड़ा बताया। मजीठिया ने इन आरोपों को बिना सबूत के मानहानि करार देते हुए जनवरी 2016 में लुधियाना की अदालत में आपराधिक मानहानि का केस दायर किया (IPC की धारा 499/500 के तहत) दर्ज करवाया था।
