जालंधर, ENS: कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र में फायरिंग में एक PHG के जवान की मौत के मामले में पुलिस ने 5 निहंगो को नामजद करते हुए 40 अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले को लेकर मजीठिया ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने बताया कि बलविंदर सिंह ने खुद इस मामले में पुलिस अधिकारियों इस मामले को लेकर शिकायत भी की थी। लखविंदर सिंह इस मामले के चश्मदीद गवाह है। मजीठिया ने आरोप लगाए है कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें चुप कराने के लिए पर्चा दर्ज करने की धमकियां दी है। वहीं इस मामले में एक अन्य पीड़ित परिवार के बच्चों पर झूठा पर्चा दर्ज किया गया था, जबकि उक्त परिवार उस समय वहां पर मौजूद नहीं था। क्यों कि उनके शादी का प्रोग्राम था, जिसके चलते अब वह कोर्ट से बरी हो गया है।
इस दौरान उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान वीडियो दिखाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि 22 तारीख को पुलिस प्रशासन के साथ लोगों की बात चल रही थी। उन्होंने कहा कि अगर बात चल रही थी तो गोलियां चलाने का क्या मतलब था। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सीएम भगवंत मान का परिवार खुश करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि उस दौरान पुलिस 2 बार आई और वापिस चली गई। मजीठिया ने आरोप लगाए है कि गुरुपर्व के कारण संगत ज्यादा थी और मीडिया मौके पर मौजूद थी। जिसके चलते पुलिस वापिस चली गई। इस दौरान उन्होंने डीएसपी जसप्रीत सिंह पर धक्के से कब्जा लेने के गंभीर आरोप लगाए है। इस दौरान उन्होंने कहा कि एसएसपी, सीनियर अधिकारी भूपति, जसपाल सिंह सहित एक अन्य अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए है।
इस दौरान मजीठिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि सीनियर अधिकारी खुद गुरुद्वारा में असला लाने के लिए कह रहा है। मजीठिया का कहना है कि उक्त सीनियर पुलिस अधिकारी ने इस घटना को लेकर पल-पल की जानकारी सीएम मान को दी। इस दौरान मजीठिया ने कहाकि वहां पर क्या लॉ एंड ऑर्डर की ऐसी नौबत आ गई थी। मजीठिया का आरोप है कि बिना नोटिस जारी किए गोली चलाने के आदेश किसके कहने पर दिए गए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ 5 बजे आए, फिर 7 बजे आए, उसके बाद 10 बजे आए लेकिन गुरुद्वारा में गुरुपर्व के दिन भारी संगत होने के कारण वापिस चले गए। उसके बाद फिर 4 बजे आए और कार्रवाई की गई।
मजीठिया ने कहा कि घटना के दौरान पहले वैपन की बात हुई, उसके बाद गाड़ी जल्दी से हथियार लेने के लिए फिर जाती है। मजीठिया ने कहा कि ऐसी वहां पर कोई गंभीर स्थिति ही नहीं थी। मजीठिया ने कहा कि अगर सीबीआई की जांच की गई तो जांच में पता चलेगा कि पुलिसकर्मी का भी पुलिस की गोली से निधन हुआ है। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाए है कि पुलिस बाबा जी को टवॉय गन के साथ बाहर लेकर आई। मजीठिया ने कहा कि वहां पर कौन-सी जंग लग गई थी कि पुलिस को गोलियां चलानी पड़ गई। इस दौरान मजीठिया ने कहाकि चार जिलों की पुलिस हथियारों सहित वहां पर दाखिल हुई थी। जिसमें कुछ पुलिस अधिकारी सिविल वर्दी में मौजूद थे।
