कानपुरः श्याम नगर में हुई 8 लाख की लूट के मामले में पुलिस कमिश्नर ने प्रेस वार्ता के दौरान बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस कमिशनर ने बताया कि ढाई साल में कानपुर में 12 बैंकों के 68 खातों से 1600 करोड़ कैश निकाला गया था। वहीं घटना के दिन टेनरी कारोबारी महफूज ने फूलबाग स्थित आईडीबीआई बैंक से 3.20 करोड़ रुपए निकाले थे, झकरकटी में एक छोटे से कमरे में महफूज के कैश कैरियर्स ने रुपयों का बंटवारा किया था। आखिर में बचे 24 लाख रुपए मो. वासिद और उसके साथी अरशद को दिए गए थे, जो रकम महफूज के घर पहुंचाने जा रहे थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो घायल वासिद ने बताया कि उन्होंने फूलबाग स्थित IDBI बैंक से 8 लाख रुपए निकालने की बात कही। पुलिस ने बैंक में जांच पड़ताल की तो पता चला कि घटना के दिन जाजमऊ निवासी टेनरी कारोबारी महफूज के अकाउंट से 3.20 करोड़ रुपए निकाले गए थे। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि 2023 से 2025 तक IDBI बैंक के ही करीब 14 खातों से 850 करोड़ रुपया निकाला गया है, सभी खाते जाजमऊ स्थित शिवांग टेनरी के मिले है।
पैन नंबर, ई–मेल आईडी की जांच शुरू हुई तो पुलिस को पता चला कि महफूज और उसके करीबियों के करीब 12 बैंकों में कुल 68 खातें है, जिनसे तकरीबन ढ़ाई साल में 1600 करोड़ का कैश निकाला गया है। यह रकम कहां खपाई जा रही थी, क्या इस पैसे का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में प्रयोग किया जा रहा था ? या टैक्स से बचने के लिए सारा गोरखधंधा चल रहा रहा था ? इन सभी पहलुओं तक पहुंचने के लिए GST, इनकम टैक्स, ईडी समेत अन्य एजेंसियों को भी पत्र लिखा जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों में कानपुर, उन्नाव और फतेहपुर स्थित 12 इंटरप्राइजेजों से रकम आती थी। उन्होंने बताया कि महफूज ने GST से छूट पाने के लिए APMC सर्टिफिकेट ले रखा था। जिसमें बताया गया था कि इनकी फर्म एग्रीकल्चर फिल्ड में काम करती है। जांच में बैंकों की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है, नियमों के मुताबिक 10 लाख से अधिक कैश निकासी पर बैंक को STR रिपोर्ट जनरेट करनी पड़ती है, लेकिन प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बैंकों की ओर से यह रिपोर्ट जनरेट नहीं की गई थी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि महफूज व उसके सहयोगियों के IDBI, HDFC, RBL, इंडसइंड, बैंक ऑफ बड़ौदा, कोटक महिंद्रा, यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक शामिल है।
जांच में सामने आया इन बैकों के खातों से आजम इंटरप्राइजेज– 118 करोड़, अल्फिशा इंटरप्राइजेज– 133 करोड़, आरती इंटरप्राइजेज– 99.60 करोड़, फैज इंटरप्राइजेज– 104 करोड़, कासिफ इंटरप्राइजेज– 68.25 करोड़, शमा इंटरप्राइजेज– 124 करोड़, सम्मोह इंटरप्राइजेज– 117 करोड़, राजा इंटरप्राइजेज– 64 करोड़, सायरा इंटरप्राइजेज– 14 करोड़ और शबनम इंटरप्राइजेज– 151 करोड़ रुपए मिले।
पुलिस को आशंका है कि इतनी बढ़ी तादात में निकाली गई रकम मनी लांड्रिंग, एंटी नेशनल एक्टिविटी, टैक्स चोरी से संबंधित हो सकती है, इसकी जांच के लिए सेंट्रल एजेंसियों को पत्र लिखा जा रहा है। पुलिस कमिश्नर ने घटना का खुलासा करते हुए बताया लूट के 6 आरोपियों मूलगंज मिश्री बाजार निवासी अब्दुल रहमान, हीरामन का पुरवा निवासी शुभान खान, चमनगंज निवासी लारेब सिद्दीकी, हीरामन का पुरवा निवासी मो जीशान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि दो बदमाश हीरामन का पुरवा निवासी यासीन और मुजाहिद की गुरुवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ हो गई थी, जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी थी।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मो. वासिद व उसका साथी अरशद कैश कैरी (एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना) का काम करते है। 16 फरवरी को मो. वाशिद के साथ बाइक सवार चार बदमाशों ने श्याम नगर में लूट की घटना को अंजाम दिया था। इस दौरान बदमाशों ने मो. वासिद और अरशद पर तमंचे की बट से हमला कर मरणासन्न कर दिया था। घटना के बाद घायलों ने पहले 25 लाख, 12 लाख फिर 8 लाख रुपए लूटने की बात कही, इसके बाद उन्होंने लूट की घटना से ही इंकार कर दिया था।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि घटना करीब एक माह से रेकी हो रही थी। रहमान का पूरे लूटकांड में मेनरोल है। रहमान का दोस्त अरुण सोनी, महफूज का कैश कैरी करता था। जिसके बाद अरुण से रहमान ने सारी जानकारी ली। फिर रहमान ने शुभान के साथ मिलकर IDBI बैंक में रेकी की। घटना के दिन महफूज ने बैंक से कैश निकाला और अपने कैरियर्स को दे दिया। झकरकटी पहुंचे कैरियर्स ने बंटवारा किया और वहीं से वासिद और अरशद 24 लाख रुपए लेकर महफूज के घर जाने के लिए निकले थे, जहां से बदमाशों ने उनका पीछा शुरू कर दिया।
श्याम नगर पहुंचने के बाद लुटरों ने तमंचे की बट से उनको लहुलूहान कर दिया। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि रहमान और शुभान को लुटेरों पर भी भरोसा नहीं था, जिस पर वह 100 मीटर दूरी पर खड़े होकर बदमाशों को भी ट्रेस कर रहे थे। घटना को अंजाम देने के बाद लूट की रकम का सबसे बड़ा हिस्सा रहमान और शुभान ने लिया। लूट को अंजाम देने के बाद बदमाश दिल्ली की जामा मस्जिद, कश्मीर और नेपाल घूमने चले गए थे। लुटेरों के पास से 11 लाख रुपए बरामद हुए है।