काकीनाडाः आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में दम घुटने से 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति की हालत गंभीर है। घटना पेद्दापुरम मंडल के रागमपेटा गांव में गुरुवार को ऑयल फैक्ट्री में एक टैंकर की सफाई के दौरान हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि सुबह 9.30 बजे के आसपास मजदूरों को अंबाती सुब्बन्ना ऑयल फैक्ट्री के बंद पड़े टैंकर की जांच करने के लिए कहा गया। रेडप्पा ने मैनहोल से सबसे पहले टैंकर में प्रवेश किया। जब उसने कुछ देर तक जवाब नहीं दिया तो तीन अन्य मजदूर टैंकर में उतरे। जब उन्हें भी सांस लेने में तकलीफ हुई तो वे मदद के लिए चिल्लाने लगे।
इसके बाद तीन अन्य मजदूर उन्हें बचाने के लिए टैंकर में उतरे, लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। इसके बाद शिवकुमार रेड्डी नीचे गए। उन्हें भी सांस लेने में तकलीफ होने लगी, तो उन्होंने चिल्लाना शुरू किया। इसके बाद सभी मजदूरों को बाहर निकालकर पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनमें से 6 को मृत घोषित कर दिया। 7वें मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। शिवकुमार रेड्डी (43) को तमिलनाडु के वेलुरु में ट्रांसफर कर दिया गया।
मृतकों की पहचान एम रमेश (32), जी गोविंदा स्वामी (35), बी रामचंद्र (23), ए रेडप्पा (30), आर बाबू (30), अय्यम रेड्डी पल्ले के केशव (20) और बी वेंकट राजुलु (23) के रूप में हुई है। मृतकों में से 5 अल्लूरी सीताराम राजू जिले के पडेरू के हैं, जबकि दो मंडल के पुलीमेरू गांव के हैं। इन सभी ने 10 दिन पहले नौकरी जॉइन की थी। सूत्रों के मुताबिक तेल फैक्ट्री फैक्ट्रीज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड नहीं थी। आशंका जताई जा रही है कि जहरीली गैसों के कारण मौतें हुई हैं। जिला अग्निशमन अधिकारी वी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि हैचरी के पास अग्निशमन विभाग से NOC नहीं थी। पुलिस ने धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है, जबकि कंपनी 15 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने पर सहमत हुई है।
