नई दिल्लीः एशियाई खेलों के चौदहवें दिन भारतीय खिलाड़ियों से गोल्ड मेडल जीतने की बहुत उम्मीद है। आज बॉक्सिंग में लवलीन बोरगोहेन, प्रवीण और अंकुश गोल्ड के लिए रिंग में उतरेंगे, जिससे देश को पदकों की सौगात मिलने की पूरी संभावना है। वहीं स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगेहन ने एशियन गेम्स में अपने करियर का पहला गोल्ड मेडल जीत लिया है। उन्होंने महिलाओं की 75 किलोग्राम वेट कैटेगरी में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया। 28 साल की लवलीना एशियाड में बॉक्सिंग का गोल्ड मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बनी हैं।
उनसे पहले मैरी कॉम 2014 में चैंपियन बनी थीं। इसके अलावा, भारतीय महिला हॉकी टीम भी चीन के खिलाफ फाइनल मुकाबले में गोल्ड मेडल के लिए भिड़ेगी। भारत ने हॉकी में 1982 के बाद से स्वर्ण पदक नहीं जीता है, इसलिए टीम इस 44 साल के लंबे सूखे को खत्म करने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी। दिन की शुरुआत भारतीय महिला तीरंदाजों ने गोल्ड मेडल के साथ की। इससे भारत की महिला आर्चरी टीम ने गेम्स के इतिहास में पहली बार रिकर्व कैटेगरी का गोल्ड दिलाया। इस टीम में अंकिता भगत, कीर्ति और कुमकुम की टीम ने 10 बार की ओलिंपिक चैंपियन साउथ कोरिया को 5-3 से हराया।
जापान के नागोया में चल रहे गेम्स के 13वें दिन भारत के 12 गोल्ड समेत 70 मेडल हो गए हैं। वह मेडल टैली के छठे स्थान पर आ गया है। 25 साल की लवलीना बोरगोहेन असम के किसान परिवार में जन्मी हैं। वे NCOE गुवाहाटी में ट्रेनिंग करती हैं। लवलीना ने 2018 और 2019 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में लगातार ब्रॉन्ज जीते। टोक्यो 2020 ओलिंपिक में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 2022 एशियन गेम्स और 2023 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर अपनी पहचान मजबूत की। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड मिल चुका है।
