जालंधर, ENS: कैंट में युवक के सुसाइड मामले में परिजनों ने पुलिस पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे। इस दौरान परिजनों का कहना था कि उनसे 35 हजार रुपए रिश्वत ली गई थी। जिसके बाद पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने वीडियो वायरल के मामले में एक्शन लेते हुए थाना प्रभारी और सीनियर कांस्टेबल जसपाल सिंह को सस्पेंड कर दिया।
वहीं इस कार्रवाई के कुछ घंटों बाद परिवार ने प्रेस वार्ता करते हुए कई अहम खुलासे किए है। परिवार ने कहा कि बेटे हैरी को पुलिस ने थाने में बुुलाकर प्रताड़ित करते हुए 3 से 4 घंटे रखकर उससे बेरहमी से मारपीट की। परिवार को जसवंत नामक व्यक्ति ने फोन किया और बेटी ने फोन उठाया और कहा कि बेटा सो रहा है। लेकिन जसवंत ने कहा जरूरी बात करनी है आप बात करवाओं। जिसके बाद जसवंत ने बेटे को धमकाया। इस दौरान एक लाख रुपए की डिमांड की गई।
जिसके बाद बेटा इतना परेशान हो गया कि दूसरे कमरे में सोने के बहाने चला गया। जहा पर उसने जसवंत से परेशान होकर फंदा लगा अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। परिवार ने कहा कि हैरी को छुड़वाने के बाद वह रिश्तेदार के घर उसे लेकर गई थी। इस दौरान थाना प्रभारी हरिंदर ने जसवंत के फोन पर कॉल करके पैसे मांगे, जबकि उन्होंने 35 हजार रुपए दे दिए।
थाना प्रभारी ने कहा कि उसे एक लाख रुपए और चाहिए। हैरी ने कहा कि उसके पास जितने पैसे थे वह उसने दे दिए। लेकिन थाना प्रभारी ने सुबह तक पैसे देने के लिए कहा। जिसके बाद भाई अंशु को पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले गई और उसे भी धमकियां दी गई। जिसमें उसे धमकाते हुए कहा कि वह बयान दें कि थाना प्रभारी का कोई कसूर नहीं है। उन्होंने कैंट के प्रधान पडिंत को थाने बातचीत करने भेजा था।
वही इस मामले मे पुलिस अधिकारी का कहना है कि पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार है। यदि ऐसा कुछ होता, तो परिवार बेटे का संस्कार नहीं करता पहले प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाता। यह उनके खिलाफ किसी ने साजिश रची है। जिसका खुलासा जल्द किया जायेगा।