नई दिल्लीः बीते दिन महाराष्ट्र में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। यहां एनसीपी नेता शरद पवार से नाराज चल रहे नेता अजीत पवार ने अपने 8 विधायकों के साथ शिंदे सरकार में शामिल हुए। पांचवी पर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन अब दल बदल की आंच बिहार और उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में ऐसे संकेत मिल रहे है कि कई नेता बगावत कर सकते है। जिसके बाद यूपी-बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल आने वाला है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के सांसद और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने का कहना है कि वर्तमान में जो महाराष्ट्र की स्थिति है ऐसी ही स्थिति बिहार में भी जल्द ही पैदा हो सकती है क्योंकि जेडीयू के कुछ विधायक नीतीश कुमार से नाराज चल रहें हैं।
यूपी में जयंत चौधरी एनडीए के साथ शामिल हो सकते हैं क्योंकि फिलहाल वह अखिलेश यादव से नाराज चल रहे हैं। ऐसी संभावना है कि समाजवादी पार्टी के विधायकों के बीच मतभेद पैदा हो जाएं। वहीं इस मामले में बीजेपी सांसद सुशील मोदी का बयान सामने आया है। मोदी ने कहा कि बिहार में भी बगावत की स्थिति बन रही है क्योंकि नीतीश कुमार ने पिछले 17 सालों में कभी भी विधायकों और सांसदों को मिलने का समय नहीं दिया। लोगों को साल भर इंतजार करना पड़ता था। अब वो प्रत्येक विधायक और सांसद को 30 मिनट दे रहे हैं। जब से नीतीश कुमार ने राहुल गांधी को अगली लड़ाई के लिए नेता स्वीकार कर लिया और तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकारी बना दिया तभी से जनता दल में विद्रोह की स्थिति है।
इस मामले में सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि महाराष्ट्र ही नहीं उत्तर प्रदेश में भी बड़ी हेरफेर होने वाली है। समाजवादी के कई विधायक और सांसद दल छोड़कर कुछ सरकार के विस्तार में शामिल होना चाहते हैं, कुछ हैं जो लोकसभा का टिकट चाहते हैं वे दिल्ली तक अपना जुगाड़ बिठा रहे हैं। वे अखिलेश यादव के रवैये से नाराज़ हैं। इसी लखनऊ में मुस्लिम चार खेमें में बट गए हैं, अब मुसलमान भाजपा को भी वोट दे रहे हैं, मायावती के भी साथ हैं। आप जब नौकरी बांटेगे तब मुस्लिम को नहीं देंगे। इस बात को लेकर हर वर्ग नाराज़ है। कांग्रेस भी चाह रही है कि मायावती को मोर्चे में लिया जाए।