जम्मूः भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है। जिसके चलते पाकिस्तान की बौखलाहट साफ देखने को मिल रही है। इसी के चलते पाकिस्तान की ओर से सीमा से सटे इलाकों में हमलों की कोशिशें तेज कर दी गई। हालांकि भारतीय सुरक्षा बलों ने उसके ज्यादातर प्रयासों को विफल कर दिया, फिर भी कुछ हमले गंभीर साबित हुए हैं। पाकिस्तान की ओर से की गई एक गोलाबारी में जम्मू-कश्मीर के एक वरिष्ठ अधिकारी की जान चली गई। इस घटना की जानकारी स्वयं राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दी है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि राजौरी से दुखद समाचार मिला है। हमने जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के एक समर्पित अधिकारी को खो दिया है। कल ही वे डिप्टी सीएम के साथ जिले में दौरे पर थे और मेरी अध्यक्षता में हुई ऑनलाइन बैठक में भी शामिल हुए थे। आज उनके आवास पर पाकिस्तानी गोलाबारी की गई, जिसमें अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त राज कुमार थापा की मौत हो गई। इस नुकसान से मैं बेहद स्तब्ध और दुखी हूं। उनकी आत्मा को शांति मिले।”

यह हमला सुबह करीब 5:30 बजे हुआ, जब राज कुमार थापा अपने घर पर ही मौजूद थे। धमाके की आवाज सुनकर वह बाहर निकले और बाद में अपने कमरे में लौट गए। तभी दुश्मन की ओर से एक और गोलाबारी की गई, जो सीधे उनके कमरे पर आकर गिरी। इस हमले में दो अन्य लोगों की भी जान चली गई, जिनमें एक महिला और एक बच्चा शामिल हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया- सीमा पार से गोलाबारी के कारण राजौरी में हमारे एक बहादुर अधिकारी- राज कुमार थप्पा एडिशनल डीसी की दुखद मौत के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। युद्ध हमेशा एक त्रासदी होती है, लेकिन यह और भी अधिक दुखद हो जाती है जब बच्चों सहित निर्दोष नागरिक इस हिंसा का खामियाजा भुगतते हैं। प्रतिशोध के क्रम में हमने पहले ही बहुत से कीमती जीवन खो दिए हैं और इसके खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। उनकी आत्मा को शांति मिले।”
शनिवार सुबह श्रीनगर में भी लगातार कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग आधे घंटे तक रुक-रुक कर धमाके होते रहे। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि ये विस्फोट कहां हुए और किस कारण से हुए, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और स्थिति पर करीबी नजर रख रही हैं।