चंडीगढ़ः देश भर में गैस को लेकर कुछ लोग कालाबाजारी कर रहे है। दरअसल, जहां एक ओर प्रशासन कर्मिशयल गैस सिलेंडरों की सप्लाई को लेकर कठोर कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कर्मिशयल संस्थानों को गैस सिलेंडर की जगह दूसरे साधनों का उपयोग करने के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला चंडीगढ़ के बुड़ैल इलाके में सामने आया, जहां कर्मिशयल गैस सिलेंडर 4500 रुपए में बेचते एक व्यक्ति को काबू किया गया।
इस संबंधी समाज सेवी और आम आदमी पार्टी के नेता शादाब राठी द्वारा किए गए खुलासे के अनुसार गैस एजेंसियों की मिलीभगत से चल रही इस अवैध गतिविधि का खुलासा हुआ है। उन्होंने बताया कि जो कर्मिशयल गैस सिलेंडर सरकारी दर के करीब 1600 में मिलना चाहिए, वही सिलेंडर आम जनता को 4500 तक में बेचा जा रहा था। उनके अनुसार इस पूरे मामले में मध्यस्थ आपूर्तिकर्ताओं और एजेंटों की भूमिका शक के घेरे में है, जो गैस एजेंसियों से सप्लाई लेकर आगे काले बाजार में महंगे दाम पर बेच रहे हैं।
शादाब राठी ने कहा कि यह मामला बहुत ही गंभीर है, क्योंकि इससे सीधे आम लोगों की जेब पर डाका पड़ा है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के साथ इस तरह की लूट बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए और उन्हें भी जवाबदेह बनाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की गैर कानूनी गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लग सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी है और कुछ संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही गैरकानूनी तरीके से एकत्र किए गए गैस सिलेंडरों की भी जांच की जा रही है। इस घटना से जहां काले बाजार की गंभीर मामले सामने आए हैं, वहीं प्रशासनिक लापरवाही पर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। लंबे समय से चल रही इस अवैध गतिविधि के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई उपयुक्त कार्रवाई न होना चिंताजनक है।