सरीः कनाडा के सरी शहर के गुरु नानक सिख गुरुद्वारे में कमेटी कंट्रोल को लेकर हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। खालिस्तानी गुट ने बुजुर्गों द्वारा चलाई जा रही सोसायटी पर कब्जा करने की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। वहीं घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें गुरुद्वारे के हॉल में भीड़ और हिंसा दिख रही है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो 30 मार्च का है। गुरुद्वारे में बुजुर्ग कमेटी के सदस्यों के बीच बैठक चल रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने बैनर लगाकर कमेटी पर कब्जा करने की कोशिश की। संगत ने इसका विरोध किया तो माहौल बिगड़ गया। लोग धक्का-मुक्की करने लगे और बात हाथापाई तक पहुंच गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया। पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।
यह गुरुद्वारा खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर से जुड़ा माना जाता है, जिसकी 2023 में यहीं की पार्किंग में हत्या हो गई थी। उसके बाद से यहां कमेटी कंट्रोल को लेकर तनाव बना हुआ है। गुरुद्वारा साहिब के कंट्रोल को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं। खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। इस वजह से सरी में रहने वाले सिख खालिस्तान समर्थकों का विरोध करने लगे हैं।
दावा किया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो गुरुनानक सिख गुरुद्वारा सरी बीसी के अंदर हॉल का है। यह वीडियो 88 सेकंड का है और इसमें कुछ लोग आकर हल्ला करते हुए दिखाई दे रहे हैं और बाद में एक दूसरे के साथ हाथपाई तक होने लगती है।
यह हमारा गुरुद्वारा है, तुम कौन हो: गुरुद्वारे के बड़े हॉल में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हैं। माहौल तनावपूर्ण है। कुछ लोग खड़े हैं, कुछ बैठे हैं। अचानक शोर बढ़ता है। लोग एक-दूसरे की तरफ बढ़ने लगते हैं। वहीं भीड़ में से बुजुर्ग कमेटी के लोग कहते हैं कि यह हमारा गुरुद्वारा है तुम कौन हो। गुरुद्वारा साहिब में बुजुर्ग कमेटी की मीटिंग चल रही थी, इसी दौरान खालिस्तान समर्थकों ने वहां अपना बैनर लगाना शुरू कर दिया। जिस पर बुजुर्ग कमेटी के सदस्यों ने कहा कि बैनर हटाओ कब्जा होने नहीं देंगे। उसके बाद अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई। लोग चीखने चिल्लाने लगे।
सोशल मीडिया पर गुरुद्वारा साहिब के अंदर हो रही लड़ाई का वीडियो वायरल हो रहा है। दोनों गुटों के समर्थक अपने-अपने हिसाब से इस वीडियो को वायरल कर रहे हैं। बुजुर्ग कमेटी वाले खालिस्तान समर्थकों पर गुरुद्वारा साहिब पर कब्जा करने के आरोप लगा रहे हैं जबकि खालिस्तान समर्थक बुजुर्ग कमेटी के सदस्यों को भारत का एजेंट बता रहे हैं।