वाराणसी: अब नगर निगम ने गंगा नदी और घाटों पर गंदगी फैलाने को अपराध मानते हुए अर्थदण्ड का प्राविधान बनाया है। गंगा नदी में मल मूत्र त्याग करने से लेकर कपड़े धोने और नाली का गंदा पानी गिराने पर भारी जुर्माने की राशि वसूल की जाएगी । इस आदेश का कंप्लायंस कराने के लिए नगर निगम घाटों पर लगे हाई सिक्योरिटी सीसीटीवी कैमरे और अपने कर्मचारियों की मदद लेगी।
वाराणसी में गंगा नदी के मैली होने का मामला आए दिन सामने आता रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस तरह की खबरें वायरल होती रहती हैं । अभी तक कोई ठोस कानून न होने के कारण ऐसे लोग बचते चले आ रहे थे। लेकिन अब गंगा नदी और घाटों पर गंदगी फैलाने वालों की खैर नहीं है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि साल 2021 में हम सभी ने स्वच्छता को लेकर बहुत ज्यादा काम किया। लेकिन जागरूकता के अभाव में हम टॉप-5 पर भी नहीं पहुंच पाए। लेकिन इस बार हमने नए साल पर नई योजनाओं को लागू किया है।
उन्होंने बताया कि सबसे पहले हम गंगा नदी की साफ-सफाई को लेकर एक बड़ा प्लान बना चुके हैं। कहा कि अब गंगा नदी में गंदगी फैलाने वालों की पहचान कर तत्काल उनपर कार्यवाही की जाएगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि नगर को साफ रखने के लिए हम मंथली प्रतियोगिता भी करा रहे हैं। जो बेहतर प्रदर्शन करेगा उसका नगर निगम/स्मार्ट सिटी की ओर से न सिर्फ प्रचार प्रसार किया जाएगा। बल्कि उनके लिए नगर निगम वरीयता भी देगी और पानी, बिजली, पार्क, सड़क पर लाइटिंग के को और भी बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।