- भारत, यूरोप सहित एशिया के कई देशों में गैस की सप्लाई हो सकती है प्रभावित
नई दिल्ली: Iran-Israel War – मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार की रात में ईरान ने खाड़ी देशों के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई भीषण हमले किए। हमले में दुनिया के सबसे बड़े LNG हब, कतर के रास लफान को भारी नुकसान पहुंचा है, वहीं सऊदी अरब ने अपनी राजधानी रियाद की ओर आती ईरानी मिसाइलों को मार गिराया है। कतर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलएनजी निर्यातक है। रास लफान को हुए नुकसान से भारत, यूरोप और एशिया के कई देशों में गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। हमलों की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है।
वहीं क़तर की सरकारी पेट्रोलियम कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि बुधवार मिसाइल हमले से उसके मुख्य गैस प्लांट में आग लग गई। जिससे भारी नुकसान हुआ। इसके बाद क़तर ने ईरान के दो राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। साउथ पार्स पर हमले के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अन्य ऊर्जा ठिकानों पर आगे और विनाशकारी हमलों की धमकी दी और कहा कि ऊर्जा क्षेत्र पर किसी भी हमले का वह कड़ा जवाब देगा। कतर के आंतरिक मंत्रालय और ‘कतरएनर्जी’ ने पुष्टि की है कि ईरानी मिसाइल हमले के कारण रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में भीषण आग लग गई। कतरएनर्जी के अनुसार, मुख्य गैस संयंत्र को ‘व्यापक क्षति’ हुई है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। कतर पर कुल पांच बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। हमले के बाद आसमान में धुएं का गुबार 30 किमी दूर से भी देखा जा सकता था। कतर ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए ईरान के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। ईरान ने सिर्फ कतर ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को भी निशाना बनाया। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने रियाद की ओर आती 4 बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया। मिसाइलों का मलबा गिरने से राजधानी में 4 लोग घायल हुए हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने भी कई मिसाइलों और ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया। मलबे के खतरे को देखते हुए अबू धाबी ने अपने कुछ गैस संयंत्रों को एहतियातन बंद कर दिया है।
