जालंधर: खालसा कॉलेज में एक मामूली कहासुनी ने बाद में हिंसक झड़प का रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, किशनपुरा के रहने वाले एक युवक पर कुछ युवकों ने अजीत नगर में जानलेवा हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि कॉलेज में वेप (ई-सिगरेट) पीने को लेकर दो पक्षों के बीच बहस हो गई थी। शुरुआत में मामला छोटा था, लेकिन पुरानी रंजिश के कारण यह विवाद धीरे-धीरे बढ़ता चला गया।
पुरानी रंजिश के चलते रची गई साजिश
पीड़ित युवक ने बताया कि वह कॉलेज में नया-नया आया था। जिन दोस्तों के साथ उसकी दोस्ती हुई थी, उनका आरोपी युवकों के साथ पहले से विवाद चल रहा था। पीड़ित का कहना है कि उसने उस समय झगड़ा खत्म कराने की कोशिश की थी और किसी से लड़ाई नहीं की थी। लेकिन आरोपी पक्ष ने इस बात को लेकर मन में रंजिश रख ली और करीब तीन-चार दिन बाद उस पर हमला करने की योजना बना ली।
सड़क पर घेरकर किया हमला
पीड़ित युवक ने बताया कि वह अपनी एक्टिवा पर सामान लेकर जा रहा था। इसी दौरान दो गाड़ियों में सवार होकर आए कुछ युवकों ने उसे रास्ते में घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने जानबूझकर अपनी गाड़ी उसकी एक्टिवा में टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया।
गोलियां चलाने का भी आरोप
पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उस पर गोलियां भी चलाईं। जान बचाने के लिए वह तुरंत वहां से भागा और पास के एक घर में घुस गया। वहां उसने जोर-जोर से शोर मचाकर मदद मांगी, जिसके बाद आसपास के लोग बाहर आए और उसकी जान बच सकी।
निहंग बाणे में थे हमलावर
पीड़ित युवक के अनुसार, हमलावर निहंग बाणे (पोशाक) में थे। हमले में शामिल युवकों की पहचान आकाश बाजवा, पवन और मनजोत के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ये सभी जालंधर के गढ़ा इलाके के रहने वाले हैं।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सके। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
इससे पहले भी कॉलेज की प्रधानगी लेकर लकी ओबेरॉय की हुई थी हत्या
गौरतलब है कि कॉलेज की प्रधानगी लेकर हुई लड़ाई के बाद लकी ओबेरॉय की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद जांच में खुलासा हुआ है कि लकी ओबेरॉय के कत्ल की स्क्रिप्ट पिछले 44 दिनों में लिखी गई। दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी जोगा और लकी कभी जिगरी दोस्त थे। दोनों एक-दूसरे के जन्मदिन पर केक काटते थे और सोशल मीडिया पर एक-दूसरे की पोस्ट लाइक करते थे।
इनके बीच दरार तब आई जब खालसा कॉलेज की प्रधानगी के चुनाव हुए। लकी ने जोगा को नजरअंदाज करते हुए अपनी मर्जी से लव नाम के युवक को प्रधान बना दिया। यह शक्ति प्रदर्शन जोगा को चुभ गया। दुश्मनी इतनी बढ़ी कि 25 दिसंबर 2025 को जोगा ने एक धमकी भरी पोस्ट की। फिर ठीक 44वें दिन लकी को गोलियों से भून दिया गया।