नई दिल्लीः मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और इजरायल-अमेरिका तथा ईरान के बीच जारी टकराव का असर अब दुनिया के कई देशों में साफ दिखाई देने लगा है। इस संघर्ष की वजह से जहां अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है, वहीं कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि इस टकराव में अब तक अमेरिका को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है और युद्ध से जुड़ी गतिविधियों पर करीब 1 लाख करोड़ रुपये तक खर्च हो चुके हैं।
इस तनाव का प्रभाव खाड़ी देशों में भी देखने को मिल रहा है, जहां ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर दबाव बढ़ गया है। इसी का असर भारत में भी महसूस किया जा रहा है। कई शहरों में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें सामने आई हैं। कीमत बढ़ने की आशंका और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के कारण लोग पैनिक में आकर सिलेंडरों का स्टॉक करने लगे हैं।
हालात ऐसे बन गए हैं कि कई गैस एजेंसियों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगहों पर उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बुकिंग में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे आम लोगों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर भी खासा असर पड़ा है। सबसे ज्यादा मुश्किलें होटल इंडस्ट्री को झेलनी पड़ रही हैं। गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण कुछ छोटे-बड़े होटलों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। वहीं कई होटलों ने हालात से निपटने के लिए पुराने तरीकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो भी सामने आ रहे हैं जिनमें बड़े-बड़े होटलों के शेफ पारंपरिक लकड़ी और कोयले वाले चूल्हों पर खाना बनाते नजर आ रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि कई शेफ सूट-बूट पहनकर चूल्हों पर चाइनीज और अन्य आधुनिक डिश तैयार कर रहे हैं। यह नजारा लोगों को पुराने समय की याद दिला रहा है, जब घरों और ढाबों में इसी तरह चूल्हों पर खाना बनाया जाता था। इन परिस्थितियों को देखकर लोग एक तरफ जहां पुराने दौर को याद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह भी दुआ कर रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय तनाव जल्द खत्म हो और हालात दोबारा सामान्य हो जाएं, ताकि आम जिंदगी और कारोबार पर पड़ा यह असर खत्म हो सके।