जालंधर, ENS: मेहतपुर के गांव बूटे दिया छत्रा के सरपंच के कत्ल मामले में थाने के मुंशी पर गाज गिरी है। दरअसल, 62 वर्षीय सरपंच महिंदर सिंह ने नशे से रोकने के लिए लोगों का विरोध किया था। जिसके बाद नशेड़ियों ने सरपंच पर तेजधार हथियार से हमला कर घायल कर दिया था। अस्पताल में उपचार के दौरान सरपंच की मौत हो गई थी। वहीं सरपंच को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर थाने के बाहर धरने पर बैठे समर्थकों ने देर रात धरना लगाया था। हालांकि पुलिस के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
दरअसल, धरना दे रहे लोगों ने आरोप लगाया था कि थाने में आने वाली ड्रग तस्करी से जुड़ी सूचनाएं हेड मुंशी सुखबीर सिंह कथित तौर पर आरोपियों तक पहुंचाता था। मामला डीएसपी सुखपाल सिंह के संज्ञान में आने पर उन्होंने इसे एसएसपी के सामने रखा। इसके बाद हेड मुंशी को सस्पेंड कर दिया गया और पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए। उधर थाना प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि सरपंच के शव का पोस्टमार्टम बुधवार यानी आज करवाया जाएगा। पुलिस टीमें मुख्य आरोपी राजा समेत अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार 28 फरवरी को सौदागर राजा ने अपने साथियों के साथ सरपंच पर हमला करवाया था। सरपंच की 7 दिन बाद मौत हो गई। गुस्साए समर्थकों ने शनिवार को थाने के बाहर धरना लगा दिया था। पुलिस ने मामले में 8 आरोपी नामजद किए हैं। इनमें से 2 आरोपी सुखजीत सिंह और अरमान को पकड़ा जा चुका है। वहीं, 3 अन्य आरोपी गोपी वालिया (पत्ती भाई की, बिलगा), शमशेर सिंह (नाई वाला मोहल्ला, बिलगा) और गांव आलोवाल के बाबा ठंडी की तलाश जारी है। इन्हीं पांच आरोपियों ने हमला करने का आरोप है।